‘जिला आपूर्ति विभाग के अफसरों की यह ड्यूटी है कि वह सुनिश्चित करें कि जनपद में प्रत्येक गरीब को खाद्यान्न समय से मिल रहा है। सरकारी राशन की दुकानों पर गरीबों के राशन में कालाबाजारी की शिकायत मिलने पर दुकानदार के खिलाफ तो कार्रवाई की ही जाएगी, साथ ही संबंधित अफसर को भी सस्पेंड कर दिया जाएगा।’
शुक्रवार को यह बात डीएम निधि केसरवानी ने कही। कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में डीएम नेे जिला पूर्ति विभाग के अफसरों को सख्त निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि पर्यवेक्षण अधिकारी की उपस्थिति में ही राशन की दुकानों से खाद्यान्न का वितरण किया जाए।
यह व्यवस्था अनिवार्य रूप से लागू कर दी जाए। इसके साथ ही यह जिला पूर्ति अधिकारी की जिम्मेदारी है कि वह समस्त पर्यवेक्षण अधिकारियों को उनको आवंटित दुकानों राशन की दुकान के संचालक का नाम, पता और मोबाइल नंबर उपलब्ध करा दें।
डीएम ने कहा कि खाद्य सुरक्षा अधिनियम -2013 के अंतर्गत योजना में विधवाओं, निराश्रितों, कुपोषित परिवारों के साथ ही ऐसे लोग जो अपनी मूलभूत आवश्यकताओं को पूर्ण नही कर पा रहे हैं, उनको इस योजना में स्थान दिया गया है। एक बार फिर से इन परिवारों का निरीक्षण किया जाना आवश्यक है।
कहीं इन श्रेणियों के पात्र परिवार खाद्य सुरक्षा योजना से वंचित तो नहीं रह गए हैं। डीएम ने सभी एसडीएम से कहा कि वे अपने क्षेत्र की ग्राम सभाओं में बैठक बुलाकर उन परिवारों की सूची तैयार कराएं, जो पात्र हैं। इसके साथ ही अपात्र लोगों के राशन कार्ड निरस्त कर दिए जाएं।
ग्राम सभाओं की खुली बैठकों में ऐसे राशन कार्ड धारकों के नाम पढे़ जाएं। यदि कोई सूची में अपात्र का नाम है तो उसके बारे में जानकारी कर लें। साथ ही एक डिब्बा भी बैठक के दिन उस स्थल पर रखवाया जाए। सभी के बीच कोई व्यक्ति यदि किसी अपात्र व्यक्ति का नाम नहीं बताना चाहाता तो वो एक पर्ची पर अपात्र का नाम लिखकर डिब्बे में डाल दे।