अतिक्रमण और अवैध निर्माण को लेकर गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) वीसी कंचन वर्मा ने सोमवार शाम को बैठक बुलाई थी जिसमें प्रवर्तन समेत अन्य अनुभाग के अधिकारी अधूरी तैयारी के साथ पहुंचे। किसी ने रिपोर्ट तैयार नहीं की थी तो कोई फाइल लेकर नहीं आया था।
बस इसी से नाराज वीसी ने चंद मिनटों में मीटिंग खत्म कर दिया और सभी को सख्त हिदायत दे दी कि कल (मंगलवार) को पूरी रिपोर्ट के साथ मिलिए। उधर, वीसी के मीटिंग छोड़ने के बाद अधिकारियों में हड़कंप मच गया। जीडीए दफ्तर में देर शाम तक अधिकारी व अन्य स्टाफ रिपोर्ट मनाने में जुटा रहा।
पदभार संभालने के बाद से जीडीए वीसी अवैध कब्जों से लेकर अतिक्रमण पर सख्त कार्रवाई के मूड में हैं। इसके लिए उन्होंने बीते दिनों जीडीए के सभी आठ जोन प्रभारियों व इंजीनियरों को निर्देश दिए थे कि वो अपने यहां पर अवैध निर्माण, अतिक्रमण व कब्जे को चिन्हित कर विस्तृत रिपोर्ट दें।
प्रवर्तन विभाग के अधीन आने वाले सभी जोन ने वीसी के आदेश को गंभीरता से नहीं लिया। ऐसे में जब सोमवार शाम 4 बजे वीसी समीक्षा बैठक में पहुंची तो वहां पर कोई भी कंप्लीट रिपोर्ट नहीं रख पाया।
बीते बृहस्पतिवार को भी उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक कर अवगत कराया था कि अवैध कब्जे से जुड़ी रिपोर्ट 25 मई तक शासन को जानी है। इसलिए सभी जोन सोमवार की बैठक में रिपोर्ट तैयार कर पहुंचे लेकिन वीसी के आदेश को किसी ने गंभीरता से नहीं लिया।
इसी से नाराज होकर उन्होंने मीटिंग छोड़ दी। हालांकि उसके बाद जीडीए सचिव रवींद्र गोडबोले और ओएसडी आरपी पांडेय ने मीटिंग आगे बढ़ाई। जिन्होंने प्रवर्तन के अफसरों को रिपोर्ट तैयार कर मंगलवार की बैठक में रखने को निर्देश दिया।
इसी बीच सचिव ने प्रवर्तन के अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन आवासीय कॉलोनियों में घरों के बाहर जनरेटर रखे हैं या फिर अन्य तरह का अतिक्रमण कर रखा है, उन्हें नोटिस देने की कार्रवाई तत्काल शुरू की जाए।