गाजियाबाद से मेरठ जाने वाले मार्ग पर स्थित पेट्रोल पंप पर शनिवार शाम तक पेट्रोल-डीजल के टैंक सूख सकते हैं। हालांकि पेट्रोल पंप संचालक व्यवस्था बनाने की बात कह रहे है। मगर जिस प्रकार उनके पास स्टॉक कम है, उससे नहीं लगता कि वह रविवार तक आयल दे सकेंगे।
मोदीनगर-मुरादनगर में वैसे तो करीब 13 पेट्रोल पंप है। इनमें सबसे अधिक पेट्रोल पंप मेरठ से गाजियाबाद जाने वाले मार्ग पर हैं। इस पर कांवड़िए चल रहे है। इन पेट्रोल पंप पर अभी अच्छा खास पेट्रोल और डीजल का स्टॉक है। कादराबाद स्थित रमन एण्ड कंपनी के मैनेजर अशोक यादव ने बताया कि उनके पास 16 हजार लीटर पेट्रोल और 15 हजार लीटर डीजल है।
कपड़ा मिल के सामने स्थित माडर्न सर्विस स्टेशन के मैनेजर नरेंद्र शर्मा भी दो अगस्त तक पेट्रोल और डीजल का स्टॉक होने की बात कह रहे है। उनके पेट्रोल पंप पर 13 हजार लीटर पेट्रोल और 9 हजार लीटर डीजल है। वहीं गाजियाबाद से मेरठ की ओर जाने वाले मार्ग पर मोदीनगर में केवल एक पंप नेशनल फिलिंग सेंटर है।
उसके मालिक यशपाल गुप्ता बताते है कि उनके यहां 45 हजार लीटर पेट्रोल और 50 हजार लीटर डीजल के टैंक है। कांवड़ यात्रा शुरू होते वक्त सभी टैंक फुल थे और इस बीच दो बार अधिक रुपये देकर टैंकर बुलाया गया है। मगर अब टैंकर आने की उम्मीद नहीं है। इसके अलावा पंप पर 28 हजार पेट्रोल और 37 हजार डीजल का स्टॉक है।
जिसमें करीब 12 से 15 लीटर पेट्रोल और डीजल रिजर्व रखने का नियम में है। सरकारी सुविधाओं के लिए कभी भी इसकी जरूरत पड़ सकती है। यशपाल गुप्ता का कहना है कि इस तरह लगता है कि शनिवार शाम तक ही पेट्रोल चल पाएगा। मुरादनगर में भी इस मार्ग पर पड़ने वाले पेट्रोल पंप के यहीं हालात है। ऐसे में लोगों को रविवार-सोमवार को डीजल-पेट्रोल संकट का सामना करना पड़ सकता है।