वसुंधरा रेडलाइट और राजनगर एक्सटेंशन चौराहे पर दो फ्लाईओवरों का निर्माण कार्य दो अक्तूबर से शुरू हो जाएगा। शहरवासी पिछले करीब आठ महीनों से इनके निर्माण के शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। वहीं हापुड़ चुंगी पर फ्लाईओवर के लिए अगले हफ्ते टेंडर निकाला जाएगा।
जीडीए के चीफ इंजीनियर एके गुप्ता ने बताया कि दो अक्तूबर को जीडीए वीसी विजय यादव वसुंधरा रेडलाइट पर निर्माण कार्य का शुभारंभ करेंगे। उसी दिन दोनों फ्लाईओवरों पर टेस्ट पाइल डाले जाएंगे। दोनों फ्लाईओवरों को सेतु निगम बनाएगा। सेतु निगम से एक साल के अंदर दोनों फ्लाईओवरों के निर्माण पूरा कर देने के एमओयू पर साइन हुआ है।
उन्होंने बताया कि 45-45 करोड़ की लागत से दोनों फ्लाईओवर बनाए जाएंगे। हालांकि इनका बजट बढ़ भी सकता है। इस साल के शुरुआत में जब दोनों फ्लाईओवरों के निर्माण की घोषणा जीडीए ने की थी तब इनके बजट 40-40 करोड़ के थे।बता दें कि वसुंधरा रेडलाइट पर फ्लाईओवर की जरूरत पांच साल पहले सीआरआरआई ने बताई थी।
सीआरआरआई की रिपोर्ट के अनुसार उस समय इस रोड से 24 घंटे में गुजरने वाले वाहनों की संख्या एक लाख 53 हजार थी। यहां फ्लाईओवर बनने के बाद वसुंधरा, साइट फोर व नोएडा जाने वाली गाड़ियों को फ्लाईओवर पर चढ़ने की जरूरत नहीं होगी, वे गाड़ियां फ्लाईओवर की नीचे से मुड़ जाएंगी।
वहीं राजनगर एक्सटेंशन चौराहा फ्लाईओवर बनते ही सिग्नल फ्री हो जाएगा।
हापुड़ चुंगी पर फ्लाईओवर के लिए निकाला जाएगा टेंडर
चीफ इंजीनियर ने बताया कि अगले हफ्ते हापुड़ चुंगी पर फ्लाईओवर के लिए टेंडर निकाला जाएगा। उन्होंने बताया कि कई अन्य निर्माण कार्यों के लिए भी टेंडर निकाले जाने हैं, वह हापुड़ चुंगी केसाथ ही निकाल दिए जाएंगे।
फिलहाल नहीं है किसी अन्य फ्लाईओवर की योजना
चीफ इंजीनियर ने बताया कि जीडीए की निकट भविष्य में शहर में कहीं और फ्लाईओवर बनाने की योजना नहीं है। विवेकानंद नगर को राकेश मार्ग से जोड़ने के लिए फ्लाईओवर बनाने की योजना थी जिसे रद्द कर दिया गया।