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नर्सिंग होम में किशोरी का गर्भपात, जांच शुरू

Sat, 17 Sep 2016 12:13 AM IST
ब्यूरो,अमर उजाला मोदीनगर/मुरादनगर
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हेल्‍थ्‍ा क्राइम - फोटो : Desk
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एक स्थानीय नर्सिंग होम में नाबालिग का गर्भपात करने की सूचना पर शुक्रवार दोपहर जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया। डीएम के निर्देश पर सीएमओ ने दो सदस्यीय महिला चिकित्सकों की एक टीम बनाकर जांच के लिए मोदीनगर भेज दिया।
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टीम ने नर्सिंग होम पहुंचकर किशोरी का परीक्षण किया। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों का कहना है कि जांच रिपोर्ट सीएमओ और जिलाधिकारी को भेजी जाएगी, उसके बाद जो निर्देश मिलेंगे उसके आधार पर अस्पताल पर कार्रवाई की जाएगी।

वहीं, अस्पताल संचालकों का कहना है कि किशोरी को मुंहबोले मामा ने गर्भवती कर दिया था, ऐसे में उन्होंने मानवीय आधार पर किशोरी का गर्भपात किया है। जनपद हापुड़ निवासी एक दंपति ने बृहस्पतिवार को अपनी 13 वर्षीय गर्भवती बेटी को नर्सिंग होम में भर्ती कराया।
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किशोरी चार माह की गर्भवती थी। अस्पताल संचालकों ने बिना पुलिस को जानकारी दिए किशोरी का गर्भपात कर दिया। शुक्रवार दोपहर को एसडीएम अतुल कुमार को जानकारी हुई तो उन्होंने नर्सिंग होम में छापा मारा।

जहां किशोरी का गर्भपात करने के साक्ष्य मिल गए। उन्होंने तुरंत डीएम निधि केसरवानी को जानकारी दी। डीएम के निर्देश पर सीएमओ ने दो महिला चिकित्सकों की टीम जांच के लिए मोदीनगर भेज दिया।

देर शाम तक टीम अस्पताल किशोरी की जांच में जुटी रही। कार्यवाहक सीएमओ संजय अग्रवाल का कहना है कि जांच जारी है। जांच रिपोर्ट सीएमओ और डीएम को भेजी जाएगी। उनका जो आदेश होगा उसके मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।

उधर, अस्पताल संचालकों का कहना है कि आरोप बेबुनियाद है। मुंहबोले मामा ने अपनी हवस का शिकार बनाकर किशोरी को गर्भवती कर दिया था। ऐसे में मानवीय आधार पर उसका गर्भपात किया गया है अन्यथा वह कोई गलत कदम उठा सकती थी। किशोरी के माता-पिता के आग्रह के चलते पुलिस को जानकारी नहीं दी गई।  

मुंह बोले मामा ने किया किशोरी को गर्भवती
किशोरी की मां ने बताया कि आरोपी अधेड़ उम्र का है। वह उनके मकान में किराए पर गत पांच वर्ष रह रहा था। वह उसको भाई मानती थीं और हर वर्ष उसे राखी बांधती थीं। बेटी के पेट में गर्भ पलने की जानकारी उन्हें दो दिन पहले ही पता चली। लोक लाज के कारण उन्होंने पुलिस को बताने की बजाय गर्भपात कराने में ही किशोरी की भलाई समझी।  


नर्सिंग में गर्भपात की शिकायत मिलने पर डाक्टरों की टीम जांच के लिए भेज दी गई है। अभी रिपोर्ट नहीं मिली है, मगर शुरुआती जानकारी के मुताबिक अस्पताल प्रशासन ने सभी नियम फालो किए हैं और किशोरी के परिजनों ने लिखकर दिया है कि वह इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं चाहते।
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निधि केसरवानी, डीएम गाजियाबाद
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