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Ghaziabad News: उमस और गर्मी से बढ़े कंजक्टिवाइटिस के मरीज

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एमएमजी अस्पाताल की ओपीडी में लगी मरीजों की कतार। संवाद
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गाजियाबाद। बरसात में बढ़ते प्रदूषण और उमस भरे मौसम का असर अब लोगों की आंखों पर भी दिखाई दे रहा है। जिले के सरकारी अस्पतालों में कंजक्टिवाइटिस आई फ्लू के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। संक्रमण का खतरा बढ़ने के कारण अस्पतालों में सामान्य मोतियाबिंद ऑपरेशन फिलहाल रोक दिए गए हैं। केवल ऐसे मरीजों की सर्जरी की जा रही है, जिनकी स्थिति गंभीर है और ऑपरेशन टालना संभव नहीं है।
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संयुक्त अस्पताल और एमएमजी अस्पताल की ओपीडी में रोजाना 20 से 25 मरीज आंखों में लालपन, जलन, खुजली, पानी आने और सूजन की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि मौजूदा मौसम संक्रमण फैलने के लिए अनुकूल है। ऐसे में एक संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से परिवार के अन्य सदस्य भी इसकी चपेट में आ सकते हैं।
संयुक्त अस्पताल की नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. सुचित्रा ने बताया कि बारिश नमी और उमस के कारण बैक्टीरिया और वायरस तेजी से सक्रिय हो जाते हैं। इसके चलते कंजक्टिवाइटिस के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है। संक्रमण की आशंका को देखते हुए नियमित मोतियाबिंद ऑपरेशन फिलहाल स्थगित किए गए हैं ताकि ऑपरेशन के बाद मरीजों में किसी प्रकार का संक्रमण न फैले।
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गंभीर मरीजों के ही किए जा रहे ऑपरेशन

एमएमजी अस्पताल के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. नरेंद्र कुमार ने बताया कि वर्तमान में केवल गंभीर मरीजों के ही ऑपरेशन किए जा रहे हैं। प्रतिदिन दो से तीन ऐसे मरीजों की सर्जरी की जा रही है, जिनकी दृष्टि पर अधिक खतरा है। उन्होंने कहा कि आंखों में संक्रमण होने पर बिना डॉक्टर की सलाह के आई ड्रॉप या दवा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए क्योंकि इससे समस्या और बढ़ सकती है। समय पर उपचार और सावधानी बरतने से कंजक्टिवाइटिस से आसानी से बचाव किया जा सकता है। संक्रमण होने पर मरीज को भीड़भाड़ वाले स्थानों से बचना चाहिए और आंखों की स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
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कंजक्टिवाइटिस होने के कारण

बरसात के मौसम में बढ़ी नमी और उमस

प्रदूषण और धूल के कणों से आंखों में जलन

संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आना
गंदे हाथों से बार-बार आंखें छूना

तौलिया रूमाल या आई मेकअप जैसी व्यक्तिगत वस्तुएं साझा करना

इस तरह से करें बचाव

आंखों को बार-बार हाथ लगाने से बचें, हाथों को साबुन से धोएं
तौलिया रूमाल और तकिया किसी के साथ साझा न करें

धूल और प्रदूषण वाले स्थानों पर चश्मे का उपयोग करें
आंखों में लालपन या जलन होने पर तुरंत नेत्र विशेषज्ञ से संपर्क करें

बिना चिकित्सकीय सलाह के कोई भी आई ड्रॉप या दवा इस्तेमाल न करें
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