हजारों करोड़ के एनआरएचएम घोटाले का एक मामला अब फैसले के करीब पहुंच चुका है। बृहस्पतिवार को सीबीआई विशेष न्यायाधीश पवन कुमार तिवारी की कोर्ट में इस मामले के जांच अधिकारी सीबीआई इंस्पेक्टर मनोज कुमार ने 40वें गवाह के रूप में अपने बयान दर्ज कराए।
सीबीआई की ओर से वरिष्ठ लोक अभियोजक बीके सिंह, अनुराग मोदी के साथ ही इंस्पेक्टर मुकेश वर्मा भी कोर्ट में उपस्थित रहे। बीके सिंह ने बताया कि एनआरएचएम घोटाले के इस मामले को सीबीआई ने वर्ष 2012 में दर्ज किया था।
इसमें पूर्व डीजी हेल्थ एसपी राम, यूपीएसआईसी के पूर्व निदेशक अभय कुमार वाजपेयी, मुरादाबाद के दवा कारोबारी सौरभ जैन, उसके भाई विवेक जैन के साथ ही संजीव कुमार को आरोपी बनाया गया था। सभी आरोपी फिलहाल जमानत पर हैं और बृहस्पतिवार को पेशी पर पहुंचे।
एनआरएचएम घोटाले में ही शामिल सौरभ जैन की पत्नी रजनी जैन भी उपस्थित हुईं। सीबीआई के अनुसार इस मामले में कोर्ट में पूर्व में 39 गवाह अपने बयान दर्ज करा चुके हैं।
बृहस्पतिवार को अंतिम गवाह के रूप में इस प्रकरण के जांच अधिकारी इंस्पेक्टर मनोज कुमार ने कोर्ट के समक्ष अपने बयान दर्ज कराए। करीब दो घंटे चली इस कार्यवाही के बाद विशेष न्यायाधीश ने मामले की सुनवाई के लिए अब 3 फरवरी की तारीख नियत की है।