फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अब पुलिया बनाने में घोटाला

Thu, 24 Nov 2016 12:51 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला /गाजियाबाद
विज्ञापन
नगर ‌निगम - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
नगर निगम के निर्माण विभाग में अब पुलिया घोटाला सामने आया है। इंजीनियरों की साठगांठ से पुलिया बनाए बिना ही निगम ने ठेकेदार को 92 हजार रुपये का भुगतान भी कर दिया।
विज्ञापन


बुधवार को महापौर अशु वर्मा जांच के लिए पहुंचे तो ठेकेदार ने इससे पहले ही पुलिया का निर्माण कराने के लिए खुदाई शुरू करा दी। महापौर ने नगर आयुक्त को पत्र भेजकर ‘पुलिया घोटाले’ की जांच और फर्म के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

मामला वार्ड-34 के एमपी एंकलेव का है। यहां मकान नंबर एम-171 व 175 के पास पुलिया का निर्माण दर्शाया गया है। इस पुलिया के निर्माण के लिए 92 हजार रुपये का भुगतान मैसर्स नीता कंस्ट्रक्शसं नाम की फर्म को 3 अक्तूबर को कर दिया गया है, जबकि यह पुलिया अभी तक नहीं बनाई गई।
विज्ञापन


घोटाले की सूचना पर महापौर अशु वर्मा बुधवार को निर्माण विभाग के इंजीनियर शशि प्रकाश को लेकर जांच करने पहुंचे तो वहां नई पुलिया बनी हुई नहीं मिली। मौके पर ठेकेदार के मजदूर पुलिया निर्माण के लिए खुदाई करते हुए मिले और कुछ ईंटें पड़ी मिलीं।

महापौर का कहना है कि नगर आयुक्त को पत्र भेजकर मामले की जांच और संबंधित ठेकेदार व इंजीनियर पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उनका कहना है कि  यहां से कार्रवाई न हुई तो इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।

ठेकेदार पहुंचा माफी मांगने
मेयर ने पुलिया निर्माण घोटाले की जांच की तो थोड़ी ही देर बाद ठेकेदार अपने एक सिफारिशी को लेकर महापौर कार्यालय पहुंच गया। ठेकेदार ने तीन महीने पहले पुलिया निर्माण और बाद में पुलिया के धंस जाने की बात कहकर बरगलाने की कोशिश की, लेकिन मेयर ने झांसे में आने की बजाय उल्टा उसे ही झाड़ लगा दी।

महापौर बोले कि ‘जनता की गवाही दिलवाऊं’, तो ठेकेदार को लगा कि मामला बनने वाला नहीं। उसने मेयर से माफी मांगकर काम शुरू कराने की बात की। हालांकि महापौर ने उसे अब जांच पूरी होने तक मौके पर काम न करने की हिदायत देकर भेज दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें