गाजियाबाद। जिले में डेंगू के मामले बढ़ने पर स्वास्थ्य विभाग सोसायटियों में भी सख्ती बढ़ाएगा। फिलहाल, जिले में डेंगू के 21 मरीजों की पुष्टि हुई है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से अब तक 221 स्थानों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। अधिकारियों के अनुसार, करीब 300 स्थानों पर दोबारा सर्वे कराया गया, जिसमें पांच जगह डेंगू का लार्वा मिला। इन स्थानों पर चेतावनी देने के साथ लार्वा नष्ट कराया गया। अधिकारियों का कहना है कि अभी डेंगू के मामले कम हैं, इसलिए सोसायटियों को नोटिस जारी करने की जरूरत नहीं है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, बारिश के बाद मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनती हैं। ऐसे में घरों, सोसायटियों और आसपास के क्षेत्रों में पानी जमा न होने देना डेंगू की रोकथाम का सबसे प्रभावी तरीका है। विभाग की टीमें लार्वा की जांच के साथ लोगों को जागरूक भी कर रही हैं। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि घर या आसपास लार्वा मिलने पर उसे तत्काल नष्ट करें और जलभराव की सूचना स्वास्थ्य विभाग को दें।
जिला मलेरिया अधिकारी ज्ञानेंद्र मिश्र ने बताया कि किसी सोसायटी में डेंगू का मरीज मिलने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम सर्वे और छिड़काव करती है। सामान्य स्थिति में सोसायटी में साफ-सफाई व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए एओए अध्यक्ष को पत्र भेजा जाता है। डेंगू के मामले बढ़ने पर सोसायटियों को नोटिस जारी किया जाएगा।
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मलेरिया के भी 15 मरीज
अपर जिला मलेरिया अधिकारी नरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि मलेरिया की जांच के लिए एक लाख से अधिक स्लाइड बनाकर जांच कराई जा चुकी है। इनमें 15 मरीजों में मलेरिया की पुष्टि हुई है। 40 लोगों की टीम रोजाना छिड़काव कर रही है। इनके लिए अलग-अलग दिन का रोस्टर तय किया गया है। उन्होंने बताया कि मच्छरों की रोकथाम के लिए लगातार निगरानी की जा रही है।
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इस कारण से फैल सकता है डेंगू
- घर और आसपास लंबे समय तक पानी जमा रहना।
- कूलर, गमले और पानी की टंकियों में साफ-सफाई न होना।
- पुराने टायर, कबाड़ और खुले बर्तनों में बारिश का पानी जमा होना।
- छतों और खाली प्लॉट में जलभराव बने रहना।
- मच्छरों की रोकथाम के लिए समय पर लार्वा नष्ट न करना।
इस तरह करें डेंगू से बचाव
- कूलर का पानी नियमित रूप से बदलें और उसकी सफाई करें।
- गमलों, टायरों और खुले बर्तनों में पानी जमा न होने दें।
- पानी की टंकियों को ढककर रखें और आसपास सफाई बनाए रखें।
- सुबह और शाम शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें और मच्छरों से बचाव के उपाय करें।
- बुखार आने पर बिना चिकित्सकीय सलाह के दवा लेने के बजाय जांच और उपचार कराएं।