जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. आरके गुप्ता ने बताया कि 15 जुलाई को श्रीलक्ष्मी सेलीब्रेशन सोसायटी से लिए गए पानी के तीन नमूने और पांच जुलाई को ब्लूमून सोसायटी से लिए गए पांच पानी के नमूने फेल पाए गए थे। जांच में सामने आया कि दोनों सोसायटियों के ओवरहेड टैंकों में भारी गंदगी और गाद मौजूद थी। इसके अलावा जल का फिल्ट्रेशन भी नहीं किया गया था। इससे निवासियों को दूषित जल मिल रहा है।
आठ बिंदुओं पर मांगा स्पष्टीकरण
स्वास्थ्य विभाग ने दोनों सोसायटियों को आठ बिंदुओं पर जवाब देने को कहा है, जिनमें टैंकों की नियमित सफाई, पानी के नमूनों की जांच, फिल्ट्रेशन सिस्टम की स्थिति और जल स्रोतों की स्वच्छता शामिल हैं। इन बिंदुओं पर कार्रवाई के लिए तीन दिन का समय दिया गया है।
स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा
एपिडिमोलॉजिस्ट डॉ. शिवि अग्रवाल का कहना है कि दूषित पानी से जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है, जो गंभीर स्वास्थ्य समस्या बन सकती है। उन्होंने बताया कि दूषित पानी से लिवर संबंधित बीमारियां तेजी से फैलती हैं। इसके अलावा उल्टी, दस्त और त्वचा संबंधित बीमारियां होने का भी खतरा रहता है।