नोट बंदी ने सूने पड़े पोस्ट ऑफिस को गुलजार कर दिया है। जहां महीने भर में सौ खाते खुलते थे, वहीं नोटबंदी के बाद से इतने खाते दो-तीन दिन में ही खुल रहे हैं। 22 दिन में डाकघरों में खाता खुलवाने वालों की संख्या चार गुना हो गई है।
सीनियर पोस्ट मास्टर जेएस बिष्ट ने बताया कि 24 नवंबर के बाद से संख्या अधिक बढ़ी और 30 नवंबर तक अकेले गाजियाबाद के 38 डाकघरों में 4740 खाते खोले गए। उन्होंने बताया कि यह आंकड़ा नोएडा और हापुड़ के मुकाबले अधिक है। गाजियाबाद समेत नोएडा और हापुड़ में कुल 10 हजार नए खाते खोले गए हैं।
खाते में इजाफे की वजह
खाते खोलने में ज्यादा दस्तावेज नहीं लगाने पड़ते हैं। बैंक के मुकाबले डाकघर के काउंटर पर कम भीड़ होती है। बचत खाते में पुराने नोट भी जमा कराए जा रहे हैं। किसी भी परेशानी पर सीनियर पोस्ट मास्टर तक आसान पहुंच से जल्द समाधान होता है।
खाता खुलवाने की भीड़ देख अब 100 रुपये किया एमाउंट
सीनियर पोस्ट मास्टर ने बताया कि लोगों की अधिक संख्या को देखते हुए खाता खुलवाने के लिए सौ रुपये जमा करना अनिवार्य कर दिया गया है। शून्य बैलेंस पर खाता खुलवाने के बाद सैकड़ों लोग अभी तक पासबुक लेने भी नहीं आए हैं।