गाजियाबाद। कस्टम विभाग के उपायुक्त शशिकांत की पत्नी श्वेता सिंह के खिलाफ सीबीआई/ ईडी कोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी किया है। कस्टम में पकड़े गए माल को छोड़ने के बदले में रिश्वत लेने के दोषी शशिकांत और उसकी पत्नी पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने और मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है। रिश्वत लेने के मामले में शशिकांत को सीबीआई कोर्ट से सजा हो चुकी है।
आय से अधिक संपत्ति जुटाने के मामले में अदालत में सुनवाई चल रही है। अदालत ने अगली सुनवाई के लिए मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में 24 जून की तारीख लगाई है। आय से अधिक संपत्ति के मामले में 27 मई की तारीख लगाई है। कोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार शशिकांत वर्ष 2013 में दादरी स्थित कस्टम विभाग के कंटेनर डिपो में उपायुक्त थे। शशिकांत को पकड़े गए माल को छोड़ने की एवज में पांच लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद सीबीआई ने शशिकांत और उसकी पत्नी श्वेता सिंह के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति और ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग का मुकदमा दर्ज किया था। साथ ही ईडी और सीबीआई में दोनों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल कर दिया था। तभी से मामले की सुनवाई अदालत में विचाराधीन है। श्वेता सिंह के अदालत में हाजिर नहीं होने पर मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में गैर जमानती वारंट जारी किया है।