गाजियाबाद। नोएडा प्राधिकरण टेंडर घोटाले और यादव सिंह के आय से अधिक संपत्ति के अलग-अलग केसों में विशेष सीबीआई कोर्ट में सुनवाई हुई। टेंडर घोटाले में केस के विवेचक राजेश कुमार के बयान जारी रहे, जबकि आय से संपत्ति मामले में प्राइवेट कंपनी के आलोक कालरा ने उपस्थित होकर बयान दर्ज कराया। अदालत ने सुनवाई जारी रखते हुए टेंडर घोटाले में 30 जनवरी और आय से अधिक संपत्ति मामले में 23 मार्च 2026 की तारीख लगाई है।
सीबीआई के अनुसार वर्ष 2011 में नोएडा टेंडर घोटाला सामने आया था। सीबीआई ने मामले की जांच की थी। यादव सिंह पर अपनी चहेती फर्म को बिना टेंडर के काम देने का आरोप लगा था। इसमें 91 करोड़ रुपये का घोटाला सामने आया था। सीबीआई ने यादव सिंह सहित 11 लोग और तीन फर्म को आरोपी बनाते हुए अदालत में आरोप पत्र दाखिल किए हैं। जबकि आय से अधिक संपत्ति मामले में टेंडर घोटाले के बाद सीबीआई ने यादव सिंह की संपत्ति की जांच की थी, जिसमें पता चला था कि वास्तविक आय से 516 प्रतिशत अधिक यानी 23.57 फीसदी की संपत्ति अर्जित की थी। सीबीआई ने इस मामले में यादव सिंह की पत्नी कुसुम लता, बेटे सनी यादव व दो पुत्रियों को भी आरोपी बनाया है। दोनों प्रकरण में अदालत में इस समय बयान दर्ज होने शुरू हो गए हैं।
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