गाजियाबाद। फरियादी बार-बार पहुंच रहे हैं, शिकायतें दर्ज हो रही हैं, जांच के आदेश भी दिए जा रहे हैं, लेकिन समाधान के लिए इंतजार खत्म नहीं हो रहा। संपूर्ण समाधान दिवस में शनिवार को व्यवस्था की यही तस्वीर नजर आई। सदर तहसील की ओर से रोटरी क्लब परिसर में सुबह 10 बजे शुरू होने वाली जनसुनवाई में दोपहर सवा 12 बजे तक ऊर्जा निगम, नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग और आवास विभाग के अधिकारी नहीं पहुंचे थे। उनके इंतजार में बैठे फरियादियों को एडीएम सिटी को ही प्रार्थनापत्र सौंपकर लौटना पड़ा। इनमें कुछ ऐसे भी थे, जो चौथी या पांचवीं बार मदद की गुहार लेकर पहुंचे थे।
जिले की तीनों तहसीलों में कुल 155 शिकायतें दर्ज हुईं, लेकिन मौके पर सिर्फ 13 का निस्तारण हो सका। शेष 142 शिकायतों पर जांच और कार्रवाई का भरोसा दिया गया। ऐसे में फरियादी सवाल उठाते दिखे कि जब शिकायतों के समाधान के लिए विशेष दिवस आयोजित किया जा रहा है, तब बार-बार चक्कर क्यों लगाने पड़ रहे हैं?
एडीएम सिटी विकास कश्यप का कहना है कि ऊर्जा निगम के एक्सईएन को मौजूद रहना चाहिए था, लेकिन उनके स्थान पर अधीनस्थ अधिकारी आए थे। इसके अलावा भी जो अधिकारी मौजूद थे, उनसे स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।
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पांच बार शिकायत, समाधान के लिए इंतजार कायम
रोटरी क्लब परिसर में एडीएम सिटी विकास कश्यप और एसडीएम सदर अजीत सिंह ने जनसुनवाई की। यहां 37 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से छह का ही मौके पर निस्तारण हो सका। यहां जमीन पर कब्जे की शिकायत लेकर पहुंचे जसवीर का मामला शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया पर सवाल खड़े करता है। जसवीर के मुताबिक, उन्होंने जुलाई 2026 में 3417 वर्गमीटर का प्लॉट वेव सिटी को बेचा था। उनका आरोप है कि इसके बाद वेव सिटी के कर्मचारियों और अधिकारियों ने मिलकर 4016 वर्गमीटर जमीन पर कब्जा कर लिया। अतिरिक्त जमीन पर कब्जे की शिकायत वह पांच बार संपूर्ण समाधान दिवस और संबंधित अधिकारियों से कर चुके हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। उनका आरोप था कि अधिकारियों को मौके पर भेजा जाता है, लेकिन वे फोटो खींचकर ही मामले का निस्तारण दिखा देते हैं।
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छठी बार पहुंचीं 68 वर्षीय किंदर देवी, समस्या जस की तस
डासना के खिसरा गांव निवासी 68 वर्षीय किंदर देवी भी जमीन पर कब्जे की शिकायत लेकर पहुंचीं। उन्होंने बताया कि उनकी जमीन पर कुछ दबंगों ने कब्जा कर लिया है। वह तहसीलदार से लेकर लेखपाल तक कई बार शिकायत कर चुकी हैं। छह से अधिक बार संपूर्ण समाधान दिवस में भी प्रार्थनापत्र दिया, लेकिन समस्या जस की तस है। उनका कहना है कि हर बार जांच के आदेश दिए जाते हैं, लेकिन कोई अधिकारी मौके पर जांच करने तक नहीं पहुंचता।
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समस्याएं लेकर पहुंचे किसान, सुनवाई के बीच धरना
मोदीनगर तहसील में एडीएम (एलए) अवनीश सिंह और एसडीएम कोमल पंवार की अध्यक्षता में आयोजित समाधान दिवस में 84 शिकायतें दर्ज हुईं। इनमें से सिर्फ तीन का मौके पर निस्तारण हो सका। शेष मामलों में संयुक्त टीमें गठित कर स्थलीय निरीक्षण के निर्देश दिए गए। इस दौरान भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने किसानों और क्षेत्र की समस्याओं को लेकर तहसील परिसर में धरना दिया। कार्यकर्ताओं ने उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर गन्ने का मूल्य बढ़ाने, बिजली आपूर्ति दुरुस्त करने, आवारा पशुओं से निजात दिलाने, क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत कराने और सर्किल रेट बढ़ाने की मांग की। ज्ञापन में गन्ने का मूल्य बढ़ाकर करीब 600 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग की गई। इसके अलावा देहात क्षेत्र में भोवापुर-इलियासगढ़ी लाइन के अंतर्गत गांव की बिजली लाइन को एक सप्ताह पहले काटे जाने का मुद्दा भी उठाया गया।
जसबीर सिंह। सम्पूर्ण समाधान दिवस वाली खबर के साथ- फोटो : Self
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