नगर निगम की बिना अनुमति के शहर में यूनिपोल लगाने वालों पर कार्रवाई होगी। निगम अधिकारी अब अवैध विज्ञापन लगाने वालों पर और सख्ती करने की तैयारी कर रहे हैं। विज्ञापन हटाने का अभियान अब निरंतर जारी रहेगा।
गत 17 दिसंबर को बीओटी प्रभारी अरुण कुमार गुप्त के नेतृत्व में अवैध यूनिपोल, होर्डिंग्स के खिलाफ अभियान शुरू किया गया था। 30 दिसंबर तक 14 दिनों में नगर निगम की टीम ने 470 होर्डिंग्स, 55 अवैध यूनिपोल और 600 से ज्यादा कियोस्क और लॉलीपॉप (छोटे यूनिपोल के आकार के विज्ञापन) ध्वस्त किए हैं।
इस दौरान 15 दिशा सूचक बोर्ड को भी विज्ञापन से मुक्त किया गया। निगम ने यह अभियान सिर्फ 24 दिसंबर तक चलाने का निर्णय लिया था, लेकिन शहर में अवैध विज्ञापनों की भरमार को देखते हुए अब इसे निरंतर जारी रखने का निर्णय लिया गया है।
बीओटी फर्मों की दंबगई खत्म
इस बार निगम के इस अभियान के दौरान यूनिपोल लगाने वाली बीओटी फर्मों की दबंगई भी नहीं चली। अभियान के दूसरे ही दिन उप नगर आयुक्त अरुण कुमार गुप्त और बीओटी फर्म की महिला संचालक के बीच जमकर कहासुनी हुई।
आधे घंटे बवाल के बावजूद निगम अधिकारियों ने अवैध यूनिपोल पर निगाहें नरम नहीं की और उसे कटर से काट दिया गया। इसके बाद तो बीओटी फर्मों में भगदड़ मच गई। करीब 30 से ज्यादा अवैध यूनिपोल संबंधित फर्मों ने रातों रात खुद ही हटा लिए।
अधिकारी बोले
अवैध यूनिपोल और विज्ञापनों के खिलाफ अभियान रुकेगा नहीं। जब तक अवैध यूनिपोल पूरी तरह उखाड़ नहीं देंगे तब तक अभियान जारी रहेगा। फर्मों के अनुबंध में जितने यूनिपोल की अनुमति होगी शहर में सिर्फ उतने ही विज्ञापन लगेंगे। - अरुण कुमार गुप्त, बीओटी प्रभारी व उप नगर आयुक्त