गाजियाबाद। राष्ट्रीय स्तर पर जिले ने भले ही स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में नौवां स्थान हासिल किया है, लेकिन नगर निगम के अधिकारियों को इस बात की कसक है कि जिला टॉप पांच में जगह नहीं बना सका। अधिकारियों का मानना है कि लोनी क्षेत्र से अपेक्षित सहयोग मिलता तो रैंकिंग में और सुधार हो सकता था।
एक रिपोर्ट के अनुसार, नगर निगम क्षेत्र की तुलना में लोनी में प्रदूषण का स्तर अधिक रहा। शहर के इंदिरापुरम, वसुंधरा और संजय नगर स्थित तीन वायु गुणवत्ता निगरानी स्टेशनों पर प्रदूषण का औसत स्तर 85.80 दर्ज किया गया, जबकि लोनी में यह 114.25 रहा। इस लिहाज से लोनी में यह स्तर शहर की तुलना में करीब 33 फीसदी अधिक रहा।
इसी तरह पीएम-10 का औसत स्तर नगर निगम क्षेत्र में 181.21 रहा, जबकि लोनी में यह 213.63 दर्ज किया गया। यह शहर की तुलना में करीब 18 फीसदी अधिक है।
लोनी नगर पालिका के ईओ वैभव त्रिपाठी ने बताया कि लोनी में बड़ा औद्योगिक क्षेत्र है। इससे भी वायु गुणवत्ता प्रभावित होती है। हालांकि, प्रदूषण कम करने के लिए कई स्तर पर काम किए जा रहे हैं। सड़क किनारे उड़ने वाली धूल को रोकने के लिए करीब 12 किलोमीटर क्षेत्र में 22.50 करोड़ रुपये की लागत से इंटरलॉकिंग कराई जा रही है। इसके अलावा आधुनिक रोड स्वीपिंग मशीन, फिक्स एंटी स्मॉग गन और मोबाइल एंटी स्मॉग गन समेत अन्य उपकरण खरीदे जा रहे हैं।