अब नेशनल हाईवे-24 पीडब्ल्यूडी का नहीं रहा। एनएच डिवीजन इसका रखरखाव भी नहीं करेगी। लंबे समय से इस हाईवे का मेंटेनेंस कर रहे पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने चौड़ीकरण के लिए एनएच-24 को एनएचएआई को हैंडओवर कर दिया है।
अब चौड़ीकरण के बाद केंद्र सरकार तय करेगी कि इसका रखरखाव निजी कंपनियों के हाथों में होगा या फिर पीडब्ल्यूडी को सौंपा जाएगा।
अभी तक एनएच-24 की मेंटेनेंस का काम एनएचएआई ने संबंधित प्रदेश के पीडब्ल्यूडी को दे रखा था।
सालाना मेंटेनेंस और पुनर्निर्माण का काम भी पीडब्ल्यूडी कराती थी। गाजियाबाद में यह जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी की एनएच डिवीजन करती है। अब दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे निर्माण के लिए निजामुद्दीन से डासना तक एनएच-24 का चौड़ीकरण किया जाना है। केंद्र सरकार की ओर से इसके टेंडर जारी हो चुके हैं, जल्द ही चौड़ीकरण का काम शुरू होने वाला है।
ऐसे में इसके रखरखाव की जिम्मेदारी संभाल रही एनएच डिवीजन पर इसका दायित्व नहीं रहा। पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता एपी सिंह ने बताया कि एनएचएआई को यह हाईवे हैंडओवर कर दिया गया है। विभाग की ओर से एनएचएआई को पत्र भेज दिया गया है।
अब हाईवे चौड़ीकरण के बाद अगर एनएचएआई चाहेगा तो वह दोबारा इस राजमार्ग को उन्हें हैंडओवर कर सकता है। हालांकि संभावना यह भी जताई जा रही है कि चौड़ीकरण के बाद इस पर टोल ब्रिज बनाकर रखरखाव का जिम्मा निजी कंपनी को दिया जा सकता है।