एडीसीपी यातायात सच्चिदानंद ने बताया कि जाम से निजात दिलाने के लिए जिलेभर के मुख्य मार्गों व बाजारों को चिह्नित किया गया है। इसी के तहत दुकानों को आगे बढ़ाकर सड़क घेरने वाले व्यापारियों, दुकानों के आगे सामान रखने वालों के साथ ही फड़ और ठेले लगाने वालों की वीडियोग्राफी की गई है। क्षेत्रवार चयनित 1321 अतिक्रमणकारियों को एससीपी कोर्ट से नोटिस भेजे गए हैं। अतिक्रमण हटाने के लिए समयावधि दी गई है। समयावधि पूर्ण होने पर पुलिस ऐसे अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए स्वतंत्र होगी। उनसे जुर्माना वसूला जाएगा और कानून का पालन न करने पर दो वर्ष के लिए उन्हें जेल भी जाना पड़ सकता है। ऐसे में अतिक्रमण करने वालों पर कानून के दायरे में सख्ती होगी और सड़कें अतिक्रमण मुक्त कराई जाएंगी।
इन स्थानों पर भेजे गए नोटिस
एडीसीपी सच्चिदानंद ने बताया कि लालकुआं, एनएच 34 मेरठ रोड, मोहन नगर, राकेश मार्ग, शिप्रा मॉल के नजदीक, इंदिरापुरम, लोनी तिराहा, संजय नगर, घंटाघर, रोडवेज बस स्टैंड, मालीवाड़ा और चौधरी मोड़ के अतिक्रमणकारी दुकानदारों को चिह्नित किया गया है। इसके साथ ही सड़क पर ठेले, फड़ और रेहड़ी लगाने वाले भी चिह्नित हुए हैं। सभी को नोटिस जारी किए गए हैं।
ये है सीआरपीसी 133 और बीएनएस 152 में अंतर
एडीसीसी यातायात सच्चिदानंद के अनुसार सीआरपीसी 133 एक सशर्त आदेश है जो जनता के लिए उपद्रव या खतरनाक स्थिति व मार्गों पर अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ जारी किया जाता था। पूर्व में पुलिस की रिपोर्ट पर अतिक्रमण करने वालों को एसडीएम की ओर से नोटिस भेजे जाते थे। पुरानी धारा में सजा का प्रावधान नहीं था। अब बीएनएस 152 के नोटिस को उपनिरीक्षक की रिपोर्ट पर एसीपी अपने कोर्ट के माध्यम से सीधे जारी कर सकते हैं। इसमें दो साल तक का कारावास या जुर्माना दोनों हो सकते हैं।
अवैध पार्किंग और औद्योगिक क्षेत्र में भी होगी कार्रवाई
पुलिस सिर्फ दुकानदारों व फड़ वालों के अतिक्रमण पर ही नहीं बल्कि शहर में जगह-जगह अवैध पार्किंग चलाने वालों पर भी नए कानून के तहत कार्रवाई करेगी। इसके साथ ही औद्योगिक क्षेत्र व एनएचएआई और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर सड़क किनारे वाहन खड़ा कराने वालों पर भी कार्रवाई करेगी।