डूडाहेड़ा अस्पताल से कर दिया रेफर
भीमनगर निवासी उर्मिला घर में ही फिसलकर गिर गई थीं। वह नजदीकी अस्पताल डूडाहेड़ा इलाज के लिए गईं। वहां डॉक्टर नहीं होने की बात कहकर रेफर कर दिया। उन्होंने निजी अस्पताल में इलाज कराया।
नहीं हुई अल्ट्रासाउंड जांच किया वापस
लोनी निवासी राजवीर ने बताया कि कई दिन से उनके पेट में दर्द हो रहा था। वह लोनी में संयुक्त अस्पताल में जांच कराने गए। वहां पर डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड जांच कराने की सलाह दी। अस्पताल में बताया कि जांच बंद है, कहीं और जाओ। एमएमजी अस्पताल में जांच कराई।
35 से ज्यादा केंद्रों पर डॉक्टरों नहीं
जिले में चार जिला स्तरीय अस्पताल, पांच सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 15 एडिशनल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 53 शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, एक ब्लॉक स्तरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र संचालित हैं। शासन स्तर से इन सभी केंद्रों पर डॉक्टरों के 364 पद हैं। इनमें सीएमओ के अधीन नियमित डॉक्टरों के 112 पद हैं, जिनमें से 102 पर नियुक्ति हैं। इसके अलावा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत संविदा डॉक्टरों के 144 पद हैं, तैनाती केवल 118 पदों पर ही है। पीएचसी और सीएचसी पर डॉक्टरों की कमी के कारण जिला स्तरीय अस्पतालों पर मरीजों का दबाव रहता है। हालत यह है कि 35 से ज्यादा हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर का डॉक्टर तैनात नहीं है और उनका चार्ज दूसरे डॉक्टरों के पास हैं।
शासनादेश के अनुसार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर चिकित्साधिकारी के छह पद और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर डॉक्टर का एक पद स्वीकृत है। लेकिन समीक्षा में कुछ सीएचसी पर अधिक और कुछ पर मात्र एक या दो ही चिकित्सक तैनात पाए गए। शासन ने मानक के अनुसार डॉक्टर का समायोजन करने के निर्देश दिए हैं।
जल्द ही डॉक्टर करेंगे ज्वाइन
सीएमओ डॉ. अखिलेश मोहन का कहना है कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत रिक्त पदों के लिए नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जल्द ही डॉक्टर ज्वाइन कर लेंगे। विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति के लिए शासन को पत्र लिखा गया है।