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Ghaziabad News: याददाश्त बढ़ाने की दवाई से हो रही घबराहट और सिर दर्द

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गाजियाबाद। याददाश्त बढ़ाने की दवाई लेने से घबराहट और सिर दर्द की परेशानी बढ़ने छात्र अस्पताल में डॉक्टरों के पास पहुंच रहे हैं। एमएमजी अस्पताल में पांच दिन में नौ छात्रों को मानसिक प्रकोष्ठ रोग विभाग में भेजा गया, जहां इलाज के अलावा उनकी काउंसिलिंग की गई। इसके बाद छात्र सामान्य हैं।
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परीक्षाएं शुरू होने के साथ ही दवा दुकानों में याददाश्त बढ़ाने के नाम पर उपलब्ध दवाओं की बिक्री बढ़ गई है। डॉक्टरों का कहना है कि ऐसी दवाओं के सेवन से छात्रों की याददाश्त नहीं बढ़ती हैं। उल्टे उन्हें शारीरिक रूप से अन्य नुकसान उठाने पड़ते हैं। युवाओं को ऐसी दवाएं खाने की आदत सी पड़ जाती है लेकिन इन दवाइयों के साइड इफेक्ट लंबे समय तक नुकसान कर सकते हैं।

नहीं बनती याददाश्त बढ़ाने की दवाई
आईएमए गाजियाबाद के प्रवक्ता डॉ. नवनीत वर्मा का कहना है कि याददाश्त बढ़ाने के लिए अब तक कोई दवा नहीं बनाई गई है। मेडिकल लिट्रेचर में भी ऐसी किसी दवा का जिक्र नहीं है, जो दवाएं याददाश्त बढ़ाने के नाम पर बेची जा रहीं, उसके दुष्प्रभाव से छात्र बीमार पड़ सकते हैं। डॉ. नवनीत का कहना है कि एक अच्छा डॉक्टर कभी भी छात्रों को सलाह नहीं देता है कि याददाश्त बढ़ाने की किसी दवाई का प्रयोग करें।
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दवा का होता है दुष्प्रभाव
मानसिक रोग विभाग के डॉ. साकेत नाथ तिवारी ने बताया कि ऐसी दवा खाने से मात्र मनोवैज्ञानिक असर पड़ता है, लेकिन वास्तव में वैसा होता नहीं है। इन दवाओं में हैवी मेटल होते हैं। इससे उनका सेवन करने वाले छात्रों में खून की कमी, सिर दर्द, उल्टी, पेट से जुड़ीं अन्य बीमारियों की आशंका बढ़ जाती है। इसके अलावा याददाश्त बढ़ाने वाली दवाओं के प्रयोग से चक्कर आना, उबकाई, थकान या मांसपेशियों की कमजोरी हो रही है। उन्होंने बताया कि एक सप्ताह में पांच छात्र फिजिशियन की ओपीडी से उनके पास भेजे गए थे।


केस: 1
गांधी नगर निवासी कपड़ा व्यवसायी का बेटा एक पब्लिक स्कूल में कक्षा 10वीं का छात्र है। वह बार-बार शिकायत करता था कि पढ़ने के बाद भूल रहा है। पड़ोसी की सलाह पर मेडिकल स्टोर से याददाश्त बढ़ाने का सिरप ले आया। उसके सेवन के एक सप्ताह बाद बच्चे के सिर में दर्द और पढ़ते समय बेचैनी होने लगी। पटेल नगर स्थित मनोकाउंसलर डॉ. संजीव त्यागी के पास ले गए तो उन्होंने दवाई बंद करा दी।

केस : 2
संजय नगर निवासी एक केंद्रीय कर्मचारी का बेटा कमला नेहरू नगर स्थित विद्यालय में 12वीं का छात्र है। पड़ोस में रहने वाले एक डॉक्टर ने याददाश्त बढ़ाने का सीरप दिया। एक सप्ताह तक सीरप का प्रयोग करने के बाद शरीर में दर्द और सुस्ती होने लगी। इसके बाद एमएमजी अस्पताल में दिखाने गए तो वहां फिजिशियन ने मानसिक रोग विशेषज्ञ के पास भेज दिया। डॉ. चंदा यादव ने पांच दिन तक काउंसिलिंग की और दवाई बंद करा दी। अब छात्र सामान्य है।
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पढ़ाई के समय इस तरह से बढ़ाएं याददाश्त :

पढ़ाई करते समय थोड़े-थोड़े अंतराल पर ब्रेक लें।

पढ़ाई की शुरुआत मनोरंजन से करें, ताकि मानसिक तनाव कम हो।

विशेषकर उन विषयों को पढ़ें जिनमें अधिक मेहनत की आवश्यकता है।

परीक्षा के समय कम से कम सात से आठ घंटे की नींद अवश्य लें।
आत्म विश्वास बढ़ाने के लिए नियमित व्यायाम करें
पौष्टिक आहार लें, दिन में कम से कम आठ से दस गिलास पानी पिएं।
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