एसीपी कवि नगर सूर्यबली मौर्य ने बताया कि मसूरी निवासी कादिर चौधरी यहां एनडीआरएफ रोड पर एके ग्लास एल्युमिनियम के नाम से दुकान करते थे। मकान, दुकान, ऑफिस, फैक्टरी में ऑर्डर पर शीशे, अलमारी आदि काम कराया जाता था। हाल ही में उन्होंने शीशे की रैक मंगवाई थी। वह अपने भतीजे कैफ के साथ रात को करीब सवा आठ बजे शीशे का कुछ सामान बना रहे थे। तभी अचानक पास में रखे शीशे की रैक गिर गई इसमें कैफ और कादिर दब गए। सभी शीशे टूट गये।
शोर शराबे के बीच मौके पर आसपास के लोग आ गए लेकिन कांच लगने की वजह से लोग जल्दी से उनके बचाव नहीं कर सके। एनडीआरएफ के जवानों के अलावा पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। काफी मशक्कत के बाद दोनों को निकाला गया। तुरंत दोनों को अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में कैफ को मृत घोषित कर दिया गया। जबकि कादिर का उपचार चल रहा है। कैफ की मौत के बाद परिवार सदमे में आ गया। परिजनों ने बताया कि कैफ रोजाना छह बजे ही घर पहुंच जाता था लेकिन मंगलवार काम की अधिकता की वजह से वह आठ बजे के बाद भी दुकान पर रुका रहा।