कौशांबी। थाना क्षेत्र के भोवापुर में उधार के पांच हजार रुपये नहीं देने पर बृहस्पतिवार शाम पड़ोसी ने सात वर्षीय छात्रा का अपहरण कर लिया। वह छात्रा का मुंह दबाकर दिल्ली के निजामुद्दीन स्टेशन ले गया। सूचना पर पुलिस ने सर्विलांस की मदद से आरोपी की लोकेशन ट्रेस की। वह छात्रा को झांसी ले जा रहा था। टीम ने आरोपी को नए गाजियाबाद रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया। उससे छात्रा को सकुशल बरामद कर परिजनों के सुपुर्द कर दी।
डीसीपी निमिष पाटिल ने बताया कि भोवापुर निवासी कृष्णा गुप्ता मेहनत मजदूरी करते हैं। बृहस्पतिवार शाम उनकी सात साल की बेटी अंजली बाहर खेल रही थी। कुछ देर बाद उसकी आवाज आनी बंद हो गई तो परिवार के लोग ढूंढने लगे फिर उन्हें लगा कि बेटी दूसरे मोहल्ले में चली गई होगी। उन्होंने पड़ोसियों के घर जाकर छात्रा को तलाश किया लेकिन नहीं मिली। रात में जब परिजन छात्रा को तलाश रहे। तभी दुकानदार अमित के पास छात्रा को छोड़ने के एवज में पांच हजार रुपये की डिमांड की।
कॉलर ने अपना नाम मदन बताया था। इससे पिता कृष्णा को तुरंत पड़ोसी मदन पर शक हुआ। वह उसके घर गए तो वह कमरे में नहीं था। वह शुक्रवार तड़के थाने पहुंचे और बेटी के अपहरण की सूचना दी। पुलिस तुरंत हरकत में आ गई। आरोपी मदन का फोन सर्विलांस पर लगाया तो उसकी लोकेशन झांसी की तरफ मिली। डीसीपी ने एक टीम बनाकर सर्विलांस लोकेशन के आधार पर छात्रा को बरामद करने में लगा दी। इस दौरान आरोपी ने फोन बंद कर दिया। इससे टीम घबरा गई। इधर,कौशांबी पुलिस ने आरोपी के रिश्तेदारों से पूछताछ शुरू कर दी। दो घंटे बाद आरोपी मदन ने फोन ऑन किया तो उसे पुलिस कार्रवाई का पता चल गया। वह छात्रा को लेकर झांसी में स्टेशन पर उतर गया। कौशांबी पुलिस ने झांसी पुलिस से संपर्क किया। वहां टीम उसकी तलाश में जुट गई। पुलिस के मुताबिक, आरोपी पकड़े जाने के डर से गाजियाबाद आने वाली रेल में बैठ गया। यहां टीम ने उसे रेलवे स्टेशन पर दबोच लिया। डीसीपी का कहना है कि आरोपी मदन पुत्र गोपीचंद निवासी बिलवई थाना कोतवाली महोबा को गिरफ्तार किया है।
उधार के रुपये नहीं देने पर की थी घटना :
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने छात्रा के पिता को पांच हजार रुपये उधार दिए थे। वह इन रुपये को कई दिनों से मांग रह था। जब उसे लगा कि अब रुपये नहीं मिलेंगे तो उसने छात्रा का अपहरण कर रुपये की डिमांड कर दी। वह छात्रा को अपने घर ले जा रहा था। इतना ही नहीं, छात्रा को अपने घर ले जाते समय उसने रेलवे स्टेशन से टिकट भी नहीं खरीदा था। वह छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस रेल में बैठ गया लेकिन झांसी में पकड़े जाने पर दोबारा गाजियाबाद लौटने लगा। पुलिस ने छात्रा को सकुशल बरामद कर परिजनों को सौंप दिया।