गाजियाबाद। अर्थला में करीब दो एकड़ जमीन पर प्रस्तावित अस्थायी बस अड्डे की योजना को रद्द कर दिया गया है। इस जमीन पर नगर निगम का नया मुख्यालय बनाया जाएगा। बस अड्डा बनाने के लिए राज्य सड़क परिवहन निगम को किसी अन्य स्थान पर जमीन तलाशनी होगी। वहीं, मौजूदा निगम मुख्यालय के भवन में सिटी जोन का कार्यालय बनाया जाएगा। नगर निगम ने शासन स्तर पर इस प्रस्ताव को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।
दरअसल, पुराने बस अड्डे के नवीनीकरण का काम किया जाना है। जब तक बस अड्डा बनकर तैयार नहीं होता, उसके स्थान पर अर्थला से बसों का संचालन करने की तैयारी राज्य सड़क परिवहन निगम ने की थी। दिल्ली मेट्रो और आरआरटीएस से नजदीकी के कारण इस जगह का चयन किया गया था। वहीं, परिवहन निगम ने 14 फरवरी को बस अड्डे के लिए भूमि पूजन भी कर दिया। ओमेक्स एंटरप्राइजेज नाम की कंपनी को 18 महीने में पुराने बस अड्डे की जगह नए भवन का निर्माण करना है, आधुनिक बस अड्डे के निर्माण पर करीब 100 करोड़ रुपये खर्च का अनुमान है।
अब नगर निगम ने अस्थायी बस अड्डे के लिए जमीन देने से इनकार कर परिवहन निगम को जोर का झटका दिया है।निगम अधिकारियों का कहना है कि परिवहन निगम निशुल्क या फिर रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) को दी गई जमीन की तर्ज पर अस्थायी बस अड्डे के लिए जमीन लेना चाहता है, लेकिन व्यावसायिक दरों पर ही जमीन किराये पर दी जा सकती है। खाली जमीन पर नगर निगम मुख्यालय के नए भवन के प्रस्ताव को बोर्ड से मंजूरी मिल चुकी है। ऐसे में अब इस जमीन को किसी अन्य को नहीं दिया जा सकता। शासन स्तर पर निगम मुख्यालय के नए भवन की योजना को आगे बढ़ाने के लिए काम शुरू कर दिया गया है।
निगम को नए भवन की जरूरत
नगर निगम का मुख्यालय नवयुग मार्केट स्थित जिस भवन में है, उसे जीडीए ने बनाकर दिया था। निगम मुख्यालय में ही प्रथम तल पर स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया का कार्यालय, दूसरे तल पर एनसीआर प्लानिंग बोर्ड का कार्यालय और बेसमेंट में डूडा का कार्यालय है। निगम मुख्यालय के लिहाज से यह भवन बहुत छोटा है। यहां पार्किंग की भी दिक्कत रहती है। आने वाले दिनों में इंदिरापुरम के रखरखाव का जिम्मा भी निगम को मिलेगा। ऐसे में नए भवन की जरूरत को देखते हुए योजना को रफ्तार देने की कवायद की जा रही है। नए भवन में आधुनिक और बड़े सदन के अलावा सभागार के साथ कई अन्य सुविधाओं को विकसित किया जाएगा। अर्थला में कार्यालय बनने से ट्रांस हिंडन के लोगों को भी बड़ी राहत मिलेगी।
रोडवेज को बस अड्डे की दरकार
पुराने बस अड्डे का पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल पर विस्तार किया जाना है। करीब 100 करोड़ रुपये की इस योजना के अंतर्गत बहुमंजिला इमारत तैयार होगी, जिसमें यात्रियों को कई तरह की सुविधा उपलब्ध कराई जाएंगी। इसमें व्यावसायिक कांप्लेक्स, फूड चेन, मॉल, रिटेल आउटलेट, होटल और पार्किंग जैसी सुविधाओं को विकसित किया जाना है। यात्रियों की सहूलियत के लिए टिकट काउंटर से लेकर प्रतीक्षा कक्ष को वातानुकूलित बनाया जाएगा। यहां से कई नए रूटों पर वातानुकूलित बसों का संचालन भी किया जाएगा।
अर्थला में नगर निगम का नया भवन बनाने की योजना पर कार्य किया जा रहा है। पुराने भवन में सिटी जोन का कार्यालय स्थानांतरित किया जाएगा। बस अड्डे के लिए किसी अन्य स्थान पर जमीन तलाशने की कवायद जारी है।
- विक्रमादित्य सिंह मलिक, नगर आयुक्त
अर्थला के पास जमीन का चयन किया गया था। अब उस स्थान पर नगर निगम अपना नया भवन बनाने की तैयारी में है। अब नई जगह जमीन की तलाश की जा रही है। जमीन उपलब्ध होते ही बस अड्डा स्थानांतरित कर दिया जाएगा।
- एके वर्मा, एआरएम, पुराना बस अड्डा