एनसीआर प्लानिंग बोर्ड ने पावर कारपोरेशन से अगले पांच साल तक बिजली की जरूरत और उपलब्धता की रिपोर्ट मांगी है। इसे केंद्र सरकार के 2019 में गांवों-शहरों को 24 घंटे बिजली देने के अभियान की तैयारी से जोड़कर किया जा रहा है।
इसके तहत एनसीआर में 68 पावर स्टेशन बनाए जाने हैं। इनमें से 36 जनपद में बनेंगे। इन पावर स्टेशनों को दो साल में बनाने का लक्ष्य है। प्रदेश और केंद्र सरकार की प्राथमिकता पावर सप्लाई है।
प्रदेश सरकार पहले ही चुनिंदा शहरों को 24 घंटे बिजली सप्लाई की घोषणा कर चुकी है। वहीं केंद्र सरकार ने 2019 में देशभर में 24 घंटे बिजली देने की घोषणा की है। इसकी तैयारी के लिए संसाधन विकसित किए जा रहे हैं।
पावर कारपोरेशन केएसई एसपी यादव ने बताया किजनपद में मौजूदा समय में 1500 मेगावाट बिजली की जरूरत है। केवल 87 फीसदी लोगों के पास ही बिजली कनेक्शन हैं। सभी लोगों को बिजली कनेक्शन देने और 24 घंटे सप्लाई के लिए मौजूदा समय में 2000 मेगावाट बिजली की जरूरत होगी।
पांच साल में यह जरूरत करीब 3000 मेगावाट हो जाएगी। उसके अनुसार पावर स्टेशनों और सप्लाई लाइनों की जरूरत है। जनपद में अभी 36 नए पावर स्टेशन बनाए जाने हैं।
इनकी मांग भेज दी गई है। मांग स्वीकृत होते ही जमीन की तलाश शुरू कर दी जाएगी। दो साल में पावर स्टेशन बनकर तैयार हो जाएंगे। इसकेबाद ही 2019 में पावर 24 घंटे बिजली देना संभव हो सकेगा।