गाजियाबाद। जिले के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल एमएमजी में मरीजों को दी जा रही स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता अब राष्ट्रीय स्तर पर परखी जाएगी। नेशनल क्वालिटी इंश्योरेंस स्टैंडर्ड (एनक्वास) की टीम रविवार को गाजियाबाद पहुंचेगी। सोमवार से अस्पताल का औपचारिक निरीक्षण शुरू किया जाएगा।
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) डॉ.राकेश कुमार ने बताया कि निरीक्षण की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। एनक्वास की टीम ओपीडी, इमरजेंसी, वार्ड, ऑपरेशन थियेटर, पैथोलॉजी और अन्य विभागों की व्यवस्था की बारीकी से जांच करेगी। टीम यह देखेगी कि मरीजों को मिलने वाली सुविधाएं तय मानकों के अनुसार हैं या नहीं।
एमएमजी अस्पताल की सबसे बड़ी चुनौती उसकी जर्जर इमारत है। वर्षों पुरानी इस इमारत में जगह की भारी कमी है, जिससे मरीजों को भर्ती करने और बेहतर सुविधा देने में कई बार दिक्कतें आती हैं। अस्पताल प्रशासन ने पिछले कुछ महीनों में व्यवस्था सुधारने के लिए विशेष प्रयास किए हैं। शनिवार को स्टाफ अस्पताल भवन की साफ-सफाई, फॉर्म भरने की प्रक्रिया, मरीजों की फीडबैक प्रणाली, दवाओं की उपलब्धता और रिकॉर्ड में पारदर्शिता जैसे बिंदुओं पर काम करने में लगा था।
मानक पूरा होने पर मिलेगा अतिरिक्त बजट
एनक्वास टीम के निरीक्षण के दौरान मरीजों और उनके तीमारदारों से भी फीडबैक लिया जाएगा। इसके अलावा स्टाफ के प्रशिक्षण, आपात स्थिति से निपटने की क्षमता और रिकॉर्ड प्रबंधन की भी समीक्षा की जाएगी। अगर एमएमजी अस्पताल एनक्वास की कसौटी पर खरा उतरता है, तो उसे क्वालिटी सर्टिफिकेशन मिलेगा, जिससे अस्पताल की छवि बेहतर होगी। केंद्र से अतिरिक्त फंड (बजट) भी मिलेगा, जो अस्पताल में सुविधाएं और मरीजों के इलाज पर खर्च किया जा सकेगा।