विक्षिप्त महिलाओं को आसरा देने के लिए शहर में नारी निकेतन केंद्र बनाया जाएगा। इसके लिए शासन ने जिला प्रशासन को तीन हजार वर्ग मीटर जमीन चिन्हित कर प्रस्ताव भेजने को कहा है। इस केंद्र से वेस्ट यूपी के अन्य जिलों की महिलाओं को भी लाभ मिलेगा।
जिला प्रोबेशन अधिकारी महेश कंडवाल ने बताया कि अब तक बरेली और लखनऊ में ही इस तरह के नारी निकेतन हैं। उन्होंने बताया कि यहां भी लावारिस हाल में मिलने वाली विक्षिप्त महिलाओं को बरेली ही भेजा जाता है। वहां पर भी सामान्य नारी निकेतन है, जिसमें विक्षिप्त महिलाओं के रखने से अन्य महिलाओं को परेशानी होती है।
ऐसे में गाजियाबाद में केवल विक्षिप्त महिलाओं को रखने के लिए ही नारी निकेतन बनाया जाएगा। इसके लिए जीडीए से जमीन की मांग की गई है। महेश कंडवाल ने बताया कि इस नारी निकेतन में गाजियाबाद ही नहीं बल्कि वेस्ट यूपी के सभी जनपदों की विक्षिप्त महिलाओं को रखा जाएगा।
तीन संप्रेक्षण गृह भी प्रस्तावित
नारी निकेतन के साथ ही शहर में तीन संप्रेक्षण गृह भी प्रस्तावित किए गए हैं। डीपीओ ने बताया कि फिलहाल एक संप्रेक्षण गृह शास्त्रीनगर में किराए के मकान में चल रहा है। शासन की ओर से दो महिला संप्रेक्षण गृह और एक बालक संप्रेक्षण गृह निर्माण करने के आदेश हैं। इसके लिए भी डीएम स्तर से भूमि का चिन्हिकरण किया जा रहा है।