नगर पंचायत कर्मचारी अमित चौधरी और गांव के बाहर तैनात पुलिसबल
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पुलिस हिरासत से भागने के दौरान गंभीर रूप से घायल हुए मोदीनगर स्थित कस्बा पतला नगर पंचायत के कर्मचारी अमित चौधरी की उपचार के दौरान मौत हो गई। उन्होंने पांच दिन तक जिंदगी की जंग लड़ी और रविवार को दम तोड़ दिया। वह मुरादनगर सीएचसी के पास ट्रक की चपेट में आ गए थे। उनका उपचार गाजियाबाद के नेहरूनगर स्थित एक निजी अस्पताल में चल रहा था।
कस्बा पतला निवासी सुभाष चौधरी के पुत्र अमित चौधरी (35) नगर पंचायत में आउटसोर्सिंग कर्मचारी थे। एसीपी मोदीनगर के अनुसार, बीती सात अप्रैल की रात अमित पतला-धौलड़ी मार्ग पर नशे की हालत में घायल मिले थे। पुलिसकर्मी उनको उपचार के लिए मुरादनगर सीएचसी ले गए थे, जहां से वह भाग निकले। इसी दौरान वह ट्रक की चपेट में आ गए थे। घटना के बाद से अमित की हालत लगातार नाजुक बनी हुई थी।
परिवार में कोहराम, गांव के बाहर पुलिस तैनात
रविवार दोपहर अमित की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण अस्पताल पहुंच गए। उन्होंने हत्या का आरोप लगाते हुए आरोपित पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी और बर्खास्तगी की मांग की। स्थिति को देखते हुए गांव के बाहर एहतियातन भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। अमित दो भाइयों में बड़े थे। छोटा भाई सुमित सेना में है, जबकि पिता सुभाष किसान हैं। ग्रामीणों के अनुसार, अमित मिलनसार और सरल स्वभाव के थे।
चार पुलिसकर्मी किए जा चुके निलंबित
घटना के बाद से ही ग्रामीणों में आक्रोश बना हुआ है। बृहस्पतिवार को गुस्साए ग्रामीणों ने निवाड़ी थाने का घेराव कर करीब ढाई घंटे तक हंगामा भी किया था। मामले में लापरवाही सामने आने पर निवाड़ी थाने में तैनात दो उपनिरीक्षकों लोकेंद्र चौधरी व शाहिद खान के साथ हेड कांस्टेबल सचिन मोहन और कांस्टेबल नरेंद्र को निलंबित किया जा चुका है। मृतक के पिता की तहरीर पर अज्ञात पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या के प्रयास की धारा में एफआईआर दर्ज की गई थी। अब अमित की मौत के बाद परिजन सीधे हत्या का आरोप लगा रहे हैं। ग्रामीणों ने आरोपित पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी और बर्खास्तगी की मांग की है।
पूरे मामले की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-भास्कर वर्मा, एसीपी मोदीनगर