गाजियाबाद। नंदग्राम के सिहानी गांव में बृहस्पतिवार रात करीब साढ़े दस बजे चचेरे भाई विकास (30) और नवीन (28) की अवैध पिस्टल से गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस का कहना है कि थोड़ी ही देर में पता चल गया है कि दोनों की हत्या गांव के ही अनुज चौधरी ने अपने साथी कुलदीप और राजा पंडित के साथ मिलकर टशनबाजी में की है। अनुज के पिता ओमवीर ने भी वारदात में उसका साथ दिया। अनुज, ओमवीर और कुलदीप को गिरफ्तार कर लिया गया है।
मुख्य आरोपी अनुज रिश्ते में नवीन के भाई कपिल का साढ़ू है। रात साढ़े नौ बजे उसकी विकास से फोन पर कहासुनी हुई थी। इसी में उसने उकसाते हुए कहा था कि अगर दम है तो उसकी दुकान पर आ जा, जिंदा वापस नहीं जाएगा।
कपिल के रिश्तेदार राहुल चौधरी ने बताया कि विकास अपने सगे भाई सूरज और चचेरे भाई नवीन व कपिल को लेकर अनुज के जनरल स्टोर पर पहुंच गए। अनुज पहले से ही खून-खराबे की तैयारी किए बैठा था। जैसे ही वे लोग उसकी दुकान पर पहुंचे, वैसे ही उसने पहले हाथापाई और फिर फायरिंग कर दी। नवीन को एक और विकास को दो गोलियां लगीं। अन्य लोगों पर भी गोली चलाई गई लेकिन उनकी किस्मत अच्छी थी तो निशाना चूक गया।
पिस्टल देने वाले की तलाश : कपिल ने नंदग्राम थाने में अपने साढ़ू अनुज चौधरी व एक अज्ञात के खिलाफ तहरीर दी। डीसीपी नगर कुंवर ज्ञानंजय सिंह ने बताया कि हत्या की धारा 103 और हत्या के प्रयास की धारा 109 (1) में केस दर्ज कर अनुज, उसके पिता ओमवीर और कुलदीप को बृहस्पतिवार की रात ही गिरफ्तार कर लिया गया। जांच में ओमवीर, कुलदीप और राजा पंडित का नाम सामने आया। राजा पंडित की भूमिका पिस्टल मुहैया कराने की है। वह मौके पर मौजूद भी था। उसकी तलाश की जा रही है।
पांच दिन पहले मनाया था जन्मदिन
विकास की पत्नी सरिता का सात जुलाई का जन्मदिन था। सभी परिवार में खुश थे। राहुल ने बताया नवीन की तीन साल पहले शादी हुई थी। उसके एक बच्चा है जबकि विकास की छह साल पहले शादी हुई थी। उनके दो बच्चे हैं।
व्हाट्सएप स्टेटस पर नोटों की गड्डियां देख आया गुस्सा
राहुल चौधरी ने बताया कि अनुज चौधरी की कपिल और उनके भाइयों से टशन चल रही थी। यह टशन रईसी दिखाने की थी। अनुज इस बात से मन ही मन जलता था कि कपिल और उनके भाइयों के पास उससे ज्यादा दौलत है। कुछ दिन पहले नवीन और विकास एक-एक स्काॅर्पियो गाड़ी खरीदकर लाए थे। यह अनुज को बर्दाश्त नहीं हुआ। कुछ ही दिन बाद वह साढ़े चार लाख की बाइक खरीदकर लाया और कहने लगा कि वह दौलत में किसी से कम नहीं है। इसके बाद कपिल ने व्हाट्सएप स्टेटस पर नोटों की गड्डियां लगा दीं। इससे अनुज चौधरी खुन्नस में आ गया।
इसी बात पर दोनों में कहासुनी हुई थी। इस पर रिश्तेदारों ने दोनों पक्षों को बिठाकर समझौता करा दिया था लेकिन अनुज मन ही मन जलता रहा। इसी जलन में उसने वारदात की। कपिल और नवीन का फ्लैट राजनगर एक्सटेंशन की औरा कायमेरा सोसायटी में है। विकास व सूरज का आवास नंदग्राम के हरवंशनगर में हैं। चारों भाई मूलरूप से बुलंदशहर के औरंगाबाद के लोहरका गांव के हैं। सभी पुरानी कार खरीदने और बेचने का काम करते हैं। अनुज चौधरी का सिहानी में जनरल स्टोर है। इसी स्टोर में बुलाकर उसने वारदात की। वह मूल रूप से मुरादनगर के जलालाबाद का निवासी है लेकिन काफी समय से सिहानी में ही रह रहा है।
100 मीटर पीछा करके मारी नवीन को गोली
राहुल चौधरी ने बताया कि विकास और नवीन समेत चारों भाई जैसे ही अनुज के जनरल स्टोर पर पहुंचे, वैसे ही उन्हें घेर लिया गया। अनुज और उसके साथी ने हाथापाई शुरू कर दी। सबसे पहले विकास को गोली लगी। अन्य लोग जान बचाकर भागने लगे। गोलीबारी के बीच कपिल ने साहस दिखाया और घायल विकास को अस्पताल ले गए। हमलावर नवीन के पीछे भागे। 100 मीटर दूर जाकर उन्हें घेर लिया और छाती की साइड में सटाकर एक गोली मारी। वह नाले के पास गिर गए। इसके बाद हमलावर भाग गए। निजी अस्पताल में विकास को मृत घोषित कर दिया। उन्हें दो गोली लगी थी। नवीन आधा घंटा तक घायल पड़े रहे। इसके बाद उनका एक परिचित प्रिंस वहां से गुजर रहा था। उसने नवीन को देखा और घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया। उनकी उपचार के दौरान शुक्रवार तड़के मौत हो गई।