मुरादनगर स्थित गंगनहर घाट पर स्नान करते श्रद्धालु। संवाद
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गाजियाबाद। छोटे हरिद्वार के नाम से प्रसिद्ध मुरादनगर गंगनहर घाट पर डूबने की घटनाओं और हादसों को रोकने के लिए सुरक्षा इंतजाम बढ़ाए जाएंगे। सिंचाई विभाग नहर की सतह (तली) ऊंची करने पर पांच करोड़ रुपये खर्च करेगा। शासन स्तर से इसके लिए बजट स्वीकृत हो चुका है। नहर की सतह ऊंची होने से पानी की गहराई कम होगी। इसके अलावा घाट पर लोहे की जंजीरें और सुरक्षा रेलिंग भी लगाई जाएंगी।
मेरठ खंड गंगनहर के अधिशासी अभियंता विकास त्यागी ने बताया कि आस्था का केंद्र होने के कारण यहां रोजाना और पर्वों पर बड़ी संख्या में लोग स्नान करने पहुंचते हैं। गर्मी में भीड़ बढ़ने के कारण हादसों का खतरा बढ़ जाता है। इसे देखते हुए नहर की सतह ऊंची करने के साथ घाट के किनारे जंजीरें और सुरक्षा रेलिंग लगाने की योजना है, ताकि लोग आगे गहरे पानी में न जा सकें।
उन्होंने बताया कि घाट पर प्रवेश और निकास की व्यवस्था भी एकीकृत की जाएगी। इससे भीड़ को नियंत्रित करने और सुरक्षा व्यवस्था लागू करने में आसानी होगी। घाट के सुंदरीकरण पर भी सिंचाई विभाग अलग से धनराशि खर्च करेगा।
पानी की बंदी के दौरान शुरू होगा काम
अधिशासी अभियंता विकास त्यागी ने बताया कि गंगनहर की सतह ऊंची करने का काम तकनीकी रूप से सावधानी से किया जाना है। इसके लिए नहर में पानी की बंदी जरूरी होगी। विभागीय प्रक्रिया और टेंडर की कार्रवाई पूरी होने के बाद आगामी दो से तीन महीने में निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है।
विवादों का केंद्र रहा है घाट
गंगनहर घाट पिछले एक दशक से डूबने की घटनाओं को लेकर चर्चा में रहा है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, यहां हर साल बड़ी संख्या में लोग डूबते हैं। हादसों के अलावा घाट राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का केंद्र भी रहा है। लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने पूर्व में नहाने वाले लोगों के पैर खींचकर डुबोने और साजिश के तहत हत्या किए जाने के गंभीर आरोप लगाए थे। इस मामले में जांच भी कराई गई थी। इसके अलावा घाट पर स्नान के दौरान महिलाओं के आपत्तिजनक वीडियो बनाए जाने जैसी घटनाएं भी पूर्व में सामने आ चुकी हैं।