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Ghaziabad News: सांसद और पुलिस की खींचतान, तीन घंटे एक्सप्रेसवे पर जाम से जूझे लोग

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कौशांबी/मोदीनगर। दिल्ली से मेरठ जा रहे भीम आर्मी प्रमुख व नगीना लोकसभा से सांसद चंद्रशेखर आजाद को एनएच-नौ पर पुलिस ने रोक लिया। सांसद और पुलिस के बीच मेरठ जाने के लिए हुई रस्साकसी में हाईवे और एक्सप्रेसवे पर लोगों को घंटों जाम में फंसना पड़ा। मामला शनिवार की दोपहर करीब 3:45 बजे का है। जमकर हुए हंगामे और खींचतान के बीच सांसद पुलिस को चकमा देकर दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे (डीएमई) से बाइक पर बैठकर मेरठ के लिए निकल गए। जहां गाजियाबाद पुलिस उन्हें रोक नहीं आई और पर परतापुर मेरठ में काशीपुर टोल तक पहुंचे। जहां उन्हें रोक गया। इससे दोपहर रात पर ट्रैफिक प्रभावित रहा।
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सांसद मेरठ कपसाड़ में दलित युवती के अपहरण और उसके विरोध में मां की हत्या के मामले में मेरठ जा रहे थे। उन्हें रोकने के लिए पुलिस ने कई जगहों पर हाईवे और एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक रोका, जिससे घंटों जाम में फंसना पड़ा। करीब तीन घंटे तक यहां ट्रैफिक प्रभावित रहा। पुलिस ने हल्के वाहनों को शहर के अंदर से निकाला।

पुलिस से हुई खींचतान और बहस
दिल्ली हवाईअड्डे से नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद मेरठ के सरधना थानाक्षेत्र के कपसाड़ गांव जा रहे थे। जब इसकी सूचना पुलिस को मिली तब शनिवार सुबह से ही एसीपी इंदिरापुरम अभिषेक श्रीवास्तव, कौशांबी, इंदिरापुरम, खोड़ा और साहिबाबाद थाने के प्रभारी फोर्स के साथ यूपी गेट पर तैनात हो गए। भीम आर्मी प्रमुख का काफिला जब यूपी गेट पहुंचा तब उन्हें रोक दिया गया। करीब 15-20 मिनट तक बातचीत और आगे बढ़ने की कोशिश का सिलसिला चलता रहा। दो बार अलग-अलग गाड़ी से जाने के प्रयास को तो पुलिस ने बैरिकेडिंग करके रोक लिया, लेकिन कुछ ही देर बाद सांसद कार से उतरकर पैदल ही मेरठ की तरफ बढ़ गए। इस दौरान जब इंदिरापुरम थाना प्रभारी ने उन्हें रोकने का प्रयास किया तब हंगामा बढ़ गया। भीम आर्मी प्रमुख ने कपड़े पकड़कर खींचने का आरोप लगा दिया। इसके बाद खींचतान और बहसबाजी भी बढ़ गई।
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देखते रही पुलिस बाइक पर बैठकर निकले सांसद
एसीपी इंदिरापुरम अभिषेक श्रीवास्तव ने भी काफी समझाने का प्रयास किया, लेकिन मामला शांत नहीं हुआ। तीन थाना प्रभारी और इतनी फोर्स को चकमा देकर सांसद ने डिवाइडर के दूसरी तरफ छलांग लगाई और अपने सुरक्षाकर्मी व गनर के साथ डीएमई पर दौड़ लगा दी। यहां से एक बाइक सवार राहगीर को रोका और रवाना हो गए। पुलिस एनएच नौ पर खड़ी देखती रह गई।
सांसद को रोकने के लिए एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक रोका
सांसद चंद्रशेखर बॉर्डर से बाइक पर निकलने के बाद डीसीपी ग्रामीण सुरेन्द्र नाथ तिवारी और डीसीपी ट्रांस हिंडन निमिष पाटिल ने पुलिस फोर्स के साथ भोजपुर टोल प्लाजा के समीप नाकेबंदी कर दी। पुलिस ने दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर मेरठ जाने वाली साइड में ट्रक लगाकर रास्ता रोक दिया। पुलिस एक-एक वाहन को रोककर चेकिंग करने लगी। इससे वहां भीषण जाम लग गया। वाहनों की पांच किमी लंबी कतार लग गई। इस दौरान वहां पहुंचे आसपास के कार्यकर्ता उत्तेजित हो गए। वह नारेबाजी करते हुए सड़क पर धरना देकर बैठ गए। पुलिस और कार्यकर्ताओं में खूब बहस और धक्कामुक्की हुई। हंगामे के शांत होने के बाद भी रात नौ बजे तक ट्रैफिक प्रभावित रहा।
गांव के रास्ते मेरठ तक पहुंचे
गाजियाबाद पुलिस की नाकेबंदी को चकमा देकर मेरठ पहुंचे सांसद ने बताया कि पीड़ित परिवार की पीड़ा सुनने के लिए वह बड़ी कठिनाइयों के साथ मेरठ पहुंचे। सांसद चंद्रशेखर आजाद ने बताया कि पुलिस की नाकेबंदी के कारण उन्होंने पहले आठ फीट की दीवार फांदकर एक गाड़ी पकड़ी फिर पुलिस ने वहां भी रोक लिया। इसके बाद उन्होंने दूसरी गाड़ी पकड़ी। पुलिस ने फिर रोका तो वह एक्सप्रेसवे से नीचे उतरकर बाइक से एक गांव में पहुंचे और फिर वहां से अन्य दो बाइकोें की मदद से वह मेरठ पहुंचे। दर्द के कारण वह बाइक का सफर करने में असमर्थ थे। मगर समाज की लड़ाई लड़ने के लिए वह हर दर्द सहने के लिए तैयार हैं।
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