रक्षाबंधन के दिन चौथी मंजिल से गिर गया था हरीश
पिता अशोक राणा ने बताया कि वर्ष 2013 में रक्षाबंधन के दिन बेटा पीजी की चौथी मंजिल से गिर गया था। जिससे सिर और कमर में गंभीर चोट आई थी। उस समय ऐसा बिल्कुल नहीं लगा था कि अब वह कभी उठ नहीं पाएगा। 12 साल से बेटे का इलाज कराने के साथ उनकी सेवा में लगे हैं। बेटे का इलाज पीजीआई चंडीगढ़, एम्स, आरएमएल, एलएनजेपी और अपोलो जैसे तमाम अस्पतालों में करा चुके हैं, लेकिन हरीश को कोई फायदा नहीं हुआ।
इलाज में बिक गया तीन मंजिला मकान
अशोक राणा ने बताया कि दिल्ली महावीर एंक्लेव में उनका तीन मंजिला मकान था, जो सितंबर 2021 में बेच दिया। अब और इलाज कराने की आर्थिक क्षमता नहीं रही। उम्र ढल रही है। हमेशा बेटे के साथ नहीं रह सकते। बेटे के लिए मौत मांगना आसान नहीं है, लेकिन हर दिन उसकी मौत नहीं देख पाते।
सरकार ले जिम्मेदारी या दे इच्छामृत्यु
उनका कहना है कि अब वह सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगाएंगे। जहां से उन्हें उम्मीद है कि जरूर मदद मिलेगी। सरकार उनके बेटे के इलाज एवं देखरेख की जिम्मेदारी ले या वह चाहते हैं कि उनके बेटे को इच्छा मृत्यु दी जाए। हरीश के शरीर के जो अंग काम कर रहे हैं उनको दान कर दूसरों को नया जीवन दिया जाए।