गाजियाबाद। बेटी से सामूहिक दुष्कर्म और उससे मारपीट की घटना से इन्कार करने पर अदालत ने मां के खिलाफ प्रकीर्णवाद दर्ज करने का आदेश दिया है। पॉक्सो कोर्ट के विशेष न्यायाधीश भारत सिंह यादव ने कहा कि मां ने पहले रिपोर्ट दर्ज कराई कि कुछ आपराधिक किस्म के लोगों ने उसकी बेटी के साथ सामूहिक दुष्कर्म करने के साथ ही पिटाई की और जान से मारने का प्रयास किया, लेकिन अदालत में बयान दर्ज कराने के दौरान घटना से इन्कार कर दिया। विशेष न्यायाधीश ने कोर्ट के लिपिक को आदेश दिया कि प्रकीर्णवाद दर्ज कराएं।
पॉक्सो कोर्ट के लोक अभियोजक ने बताया कि लोनी निवासी एक महिला ने 19 फरवरी 2018 को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र भेजकर बताया था कि उसके पड़ोस के अजय, सूरज और तीसरा युवक सूरज मादक पदार्थ बेचने, रात में लूटपाट करने, अवैध हथियार रखने से कालोनी में इनका आतंक है। तीनों दिल्ली के यमुना विहार तक नशे का कारोबार करते हैं। आरोप था कि 15 फरवरी 2018 को किशोरी की मां दवाई लेने बदायूं गई थीं। जबकि किशोरी के पिता और भाई काम पर गए थे।
उनके पड़ोस में रहने वाली दो महिलाओं ने शाम छह बजे किशोरी से कहा कि उसकी मम्मी का फोन आया है। फोन सुनने के लिए किशोरी उनके घर गयी तो वहां पर उसे शीतल पेय पदार्थ में नशीली दवाई डालकर पिला दी, जिससे वह बेहोश हो गई। इसके बाद अजय, सूरज व अजय के दोस्त सूरज ने दुष्कर्म किया। जब लड़की को होश आया तो उसने अपने को अर्धनग्न अवस्था में पाया। पीड़ित की अश्लील वीडियो भी बनाई और धमकी दी कि अश्लील वीडियो को वायरल कर देंगे। किशोरी को चाकू दिखाकर कोरे कागजों व स्टांप पेपर पर हस्ताक्षर करा लिया।
किशोरी के शरीर पर ब्लेड व चाकुओं से वार भी किए। बदायूं से घर वापस आने पर महिला और उसकी लड़की के ऊपर मिट्टी का तेल छिड़ककर आग लगाकर मारने की कोशिश की। किशोरी के माथे पर ब्लेड मारने का जख्म है। महिला की अर्जी पर लोनी पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था लेकिन अदालत में बयान दर्ज कराते हुए किशोरी और उसकी मां अपने बयान से पलट गईं।
राष्ट्रीय उच्च सड़क मार्ग 103 की नाली में घुसा ट्रक और लगता हुआ जाम। स्रोत : संवाद