गाजियाबाद। प्रदूषण और सर्दी की समस्याओं को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने शहर के 66 केंद्रों पर आरोग्य मेला आयोजित किया। इस मेले का उद्देश्य क्षेत्रीय लोगों को सर्दी, खांसी, बुखार, प्रदूषण से संबंधित बीमारियों के इलाज और बचाव के उपाय प्रदान करना था। मेले में कुल 3945 मरीजों ने इलाज कराया। इनमें से 32 मरीजों को गंभीर स्थिति में अस्पताल में भर्ती किया गया।
दीनदयालपुरी स्थित नगरीय स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. ललित कुमार ने बताया कि मेले में पहुंचे मरीजों का इलाज किया गया और कुछ को आगे की जांच के लिए रेफर भी किया गया। उन्होंने बताया कि सबसे अधिक मरीज गले में संक्रमण, दर्द, खराश और खांसी के थे। डॉ. ललित ने बताया कि मरीजों को दवाई लेने के अलावा प्रदूषण से बचाव और गुनगुना पानी पीने की सलाह दी गई।
टीकाकरण भी कराया
नोडल अधिकारी डॉ. आरके गुप्ता ने बताया कि मेले में 542 महिलाओं और 654 बच्चों को टीकाकरण कराया गया। इसके साथ ही 44 लोगों को एंटीरैबीज का टीका भी लगाया गया। प्रदूषण से जुड़ी बीमारियों को लेकर खासतौर पर लोगों को सलाह दी गई, ताकि वे स्वास्थ्य समस्याओं से बच सकें। आरोग्य मेला में 763 मरीजों को खून, अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे और सीटी स्कैन जैसी आवश्यक जांचों के लिए रेफर किया गया।
प्रदूषण और सर्दी का असर बढ़ा रहा चिंता
सीएमओ डॉ. अखिलेश मोहन का कहना था कि मेले का आयोजन नागरिकों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए किया गया था। इस पहल से स्वास्थ्य सेवाओं को जनता तक पहुंचाने में मदद मिली है। उन्होंने कहा कि प्रदूषण और सर्दी के बढ़ते प्रभाव में स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने की जरूरत है। खासतौर पर बच्चों और बुजुर्गों में सर्दी, खांसी और गले के रोग बढ़ रहे हैं। प्रदूषण के कारण सांस की बीमारियां और एलर्जी के मामले भी अधिक सामने आ रहे हैं। सीएमओ का दावा है कि स्वास्थ्य जांच शिविर लोगों के लिए बेहद लाभकारी साबित हो रहे हैं, जहां उन्हें मुफ्त इलाज के साथ-साथ प्रदूषण से बचाव के उपाय भी बताए जा रहे हैं।