साहिबाबाद। शालीमार गार्डन एक्सटेंशन-2 स्थित फ्लैट में दंपती पंकज गुप्ता और उनकी पत्नी रीना के फंदा लगाकर आत्महत्या करने के मामले में फरार चल रहे सात आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस उनके 50 से अधिक ठिकानों पर दबिश दे चुकी है। आरोपियों के मोबाइल फोन बंद होने से पुलिस उन तक नहीं पहुंच पा रही है। पुलिस की टीम मुखबिर और सर्विलांस की मदद से आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
डीसीपी ट्रांस हिंडन निमिष पाटिल ने बताया कि फरार चल रहे पार्टनर रजत तोमर, मकान मालिक, उनकी बेटी, बदमाश हरेंद्र खड़खड़ी, उसके साथी रोहित, संदीप अन्य की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीम लगातार दबिश दे रही है। दिल्ली, एनसीआर, यूपी और हरियाणा के अलग-अलग इलाकों में टीम आरोपियों को तलाश कर रही है। जांच में पता चला है कि धैर्य ने हरेंद्र खड़खड़ी और उसके साथियों से भी पंकज को धमकी दिलाई थी। घटना के बाद से ही आरोपी लगातार लोकेशन बदल रहे हैं। मामले में पुलिस पंकज और सभी आरोपियों के बीच हुए लेन-देन को लेकर जांच में जुटी है। पंकज और रीना के बैंक खातों के साथ उनके मोबाइल भी खंगाले जा रहे हैं। इसके साथ ही धैर्य नेगी के मोबाइल और बैंक डिटेल को भी पुलिस खंगाल रही है। आत्महत्या मामले में सुसाइड नोट के आधार पर पुलिस ने दो एफआईआर दर्ज की थी। पहली एफआईआर पंकज गुप्ता के नोट के आधार पर छह लोगों को नामजद करते हुए दर्ज की गई थी। दूसरी रीना गुप्ता के सुसाइड नोट के आधार पर सात लोगों को नामजद करते हुए दर्ज की गई थी। दोनों ही एफआईआर में चार नाम कॉमन हैं और पांच अलग-अलग हैं। इसके दो दिन बाद दादरी में रहने वाले पंकज के जीजा विपिन कुमार की ओर से एक और एफआईआर दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि विधिक अड़चन आ गई थी। इसीलिए पुलिस ने अपनी ओर से पंकज और रीना के सुसाइड नोट पर अलग-अलग रिपोर्ट दर्ज की थी। विपिन की ओर से कराई गई एफआईआर को खत्म कर दिया गया है।
ये है मामला
17 दिसंबर की शाम शालीमार गार्डन एक्सटेंशन दो स्थित फ्लैट में पंकज गुप्ता और उनकी पत्नी रीना फंदे पर लटकी मिली थीं। दोनों ने फंदा लगाने से पहले 11 पेज के सुसाइड नोट में नौ लोगों को उनकी मौत का जिम्मेदार बताया था। पुलिस ने पंकज के पूर्व पार्टनर धैर्य नेगी और उनके मकान मालिक के रिश्तेदार श्याम को गिरफ्तार कर लिया था।