साहिबाबाद। मानसून कुछ ही दिन में दस्तक देने वाला है, लेकिन शहर के बड़े नालों की सफाई अब तक पूरी नहीं हो सकी है। नगर निगम भले ही सफाई का दावा कर रहा हो, लेकिन नालों की हालत खुद बयां कर रही है कि वे बरसात का पानी नहीं झेल पाएंगे। अगर एक घंटे की भी तेज बारिश हुई तो शहर की सड़कों का जलमग्न होना तय है।
सिल्ट नाले किनारे ही छोड़ दी
सबसे बड़ी लापरवाही यह है कि जहां नालों की सफाई हुई भी है, वहां से निकाली गई सिल्ट नाले के किनारे ही ढेर के रूप में छोड़ दी गई है। बारिश होते ही यह सिल्ट दोबारा नाले में बह जाएगी और जाम लग जाएगा। यह स्थिति एक-दो जगह नहीं, बल्कि मोहन नगर जोन के अधिकतर नालों की है।
राजेंद्र नगर का नाला : कचरे से अटा, स्कूल के सामने जाम
लोहिया पार्क के पास से गुजरने वाला मोहन नगर जोन का बड़ा नाला कई जगह साफ है तो कई जगह गंदगी से अटा पड़ा है। डीएवी स्कूल के सामने नाला पूरी तरह जाम है। कुछ दूरी पर सफाई हुई भी है तो पुरानी सिल्ट वहीं पड़ी है। राजेंद्र नगर हर साल जलभराव झेलता है। इस बार भी सफाई नहीं हुई तो स्कूली बच्चों को घुटनों भर पानी से गुजरना पड़ेगा।
साहिबाबाद-मोहन नगर नाला: रैपिड के सामने फंसी गंदगी
साहिबाबाद गांव और मोहन नगर रूट से गुजरने वाला बड़ा नाला भी अब तक पूरी तरह साफ नहीं हुआ है। रैपिड के सामने नाले में गंदगी अटकी है। पिछले साल इस नाले के कारण लिंक रोड पर जलभराव हुआ था। सौर ऊर्जा मार्ग हर बारिश के बाद एक सप्ताह तक डूबा रहता था। इस बार भी यही हाल होने की आशंका है, क्योंकि निकाली गई सिल्ट अब तक नहीं उठाई गई।
बृज विहार नाला: पानी कम, सूखी सिल्ट ज्यादा
बृज विहार से गुजरने वाले बड़े नाले की हालत सबसे दयनीय है। नाले में पानी से ज्यादा सिल्ट दिख रही है। ऊपर की सिल्ट तेज धूप से सूख चुकी है। साफ है कि लंबे समय से यहां सफाई नहीं हुई। बरसात में यह नाला कितना पानी निकालेगा, यह बड़ा सवाल है। रामप्रस्थ, बृज विहार और औद्योगिक क्षेत्र में फिर जलभराव की समस्या तय है।
अधिकारी का दावा: तैयारी पूरी
मुख्य सफाई निरीक्षक मोहन नगर जोन विनोद कुमार ने कहा, नालों की सफाई कराई जा रही है। जहां काम बाकी है, वहां कल टीम भेजकर निरीक्षण के बाद तत्काल सफाई कराएंगे। बृजविहार नाले में काम चल रहा है, जल्द साफ हो जाएगा। मानसून में सड़कों पर जलभराव न हो, इसकी पूरी तैयारी है।