साहिबाबाद। आवास विकास परिषद की वसुंधरा योजना में किसानों को व्यावसायिक प्लॉट आवंटन का तीन दशक पुराना विवाद फिर गहरा गया है। छह महीने पहले 251 किसानों को 35-35 वर्ग मीटर व्यावसायिक प्लॉट देने पर सहमति बनी थी, लेकिन अब परिषद नए सर्किल रेट पर आवंटन की तैयारी कर रहा है। इससे नाराज किसानों ने आंदोलन की चेतावनी दी है।
किसान नेता बलराम सिंह ने बताया कि वर्ष 2025 के अंत में परिषद ने 1.35 लाख रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से जमीन देना तय किया था। किसान तीन दशक पुराने सर्किल रेट की मांग कर रहे थे, लेकिन अधिकारियों के कहने पर 2025 के रेट पर राजी हो गए। आरोप है कि परिषद ने सत्यापन के नाम पर छह महीने लगा दिए। अब नया सर्किल रेट करीब 2.50 लाख रुपये प्रति वर्ग मीटर बताया जा रहा है, जिसमें कई चार्ज जुड़े हैं।
किसानों का कहना है कि छह माह में ही रेट दोगुना हो गया है। जमीन आवंटन में देरी परिषद की वजह से हुई, इसका हर्जाना किसान नहीं भरेंगे। लंबे संघर्ष और कई दौर की वार्ता के बाद छह महीने पहले समाधान निकला था। उम्मीद थी कि जल्द आवंटन होगा, लेकिन नई शर्त से विवाद फिर बढ़ गया है। किसानों ने साफ कहा कि पुराने सर्किल रेट पर प्लॉट नहीं मिले तो आंदोलन करेंगे।
इस मामले में आवास विकास परिषद के अधिशासी अभियंता निखिल माहेश्वरी ने कहा कि किसानों का यह मामला मुख्यालय स्तर पर चल रहा है। इस संबंध में वे कुछ नहीं कह सकते। आगे जो भी फैसला होगा, उसके लिए स्थानीय स्तर पर वे जिम्मेदार नहीं हैं।
वसुंधरा योजना में किसानों को व्यावसायिक प्लॉट देने का विवाद करीब 30 साल पुराना है। लंबे समय से किसान अपने हक के लिए संघर्ष कर रहे हैं। प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद छह महीने पहले मामला सुलझा था और 251 किसानों को प्लॉट देने पर मुहर लगी थी।