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मोदीनगर हादसा: पुलिया पर दीवार बनाने की जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी की: डीएम

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गाजियाबाद। मोदीनगर में पुल की दीवार छोटी होने और दो पुलों के बीच चार फीट का गैप होने से नाले में स्कूटी सवार भाई-बहन के गिरने के मामले में डीएम ने जिम्मेदारी तय कर दी है। डीएम रविंद्र कुमार मांदड़ ने बताया कि प्रकरण में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को नोटिस जारी किया जा रहा है।
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डीएम का कहना है कि जब जीटी रोड की देखरेख की जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी की है तो उसके फुटपाथ और रोड पर पड़ने वाले पुल की जिम्मेदारी भी उसी की है। दो पुल पास-पास बने हैं तो उसकी रेलिंग, डिवाइडर की ऊंचाई मानक के अनुसार होनी चाहिए। गैप पर कोई जाल लगाया जाना चाहिए था।

रैपिड रेल कॉरिडोर बनाने के लिए दिल्ली-मेरठ रोड एनसीआरटीसी को हैंडओवर हो गई थी। गाजियाबाद की सीमा में रैपिड रेल कॉरिडोर का काम पूरा होने के बाद इसी महीने एनसीआरटीसी ने इस रोड की मरम्मत कराकर इसे पीडब्ल्यूडी को हैंडओवर कर दिया था।
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हादसे के बाद जिम्मेदारी तय करने की बात आई तो पीडब्ल्यूडी की ओर से बताया गया कि नाला सिंचाई विभाग का है। उस पर बने पुल की जिम्मेदारी सिंचाई विभाग की है। डीएम ने घटना का संज्ञान लिया और मामले की जांच कराई तो पता चला की पुल की मरम्मत व देखरेख का काम पीडब्ल्यूडी का है।

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22 जनवरी की रात हुआ था हादसा

सुदामापुरी कॉलोनी निवासी 18 वर्षीय अजय सक्सेना छोटी बहन साक्षी के साथ 22 जनवरी की रात मोदी मंदिर के पास एक रेस्टोरेंट में डिनर करने गए थे। रात करीब 10 बजे वह स्कूटी से लौट रहे थे। मोदीनगर स्थित गंदे नाले के नए व पुराने पुलों के बीच लगभग चार फीट का गैप होने और पुराने पुल की दीवार बेहद छोटी व टूटी होने से भाई-बहन नाले में गिर गए थे। दोनों गंभीर घायल हो गए थे। साक्षी को 28 टांके लगे हैं। उसे रविवार शाम अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। इस स्थान पर पहले भी हादसे होते रहे हैं। साक्षी के पिता अनिल सक्सेना का कहना है कि अभी बच्चों के उपचार में व्यस्त होने के कारण तहरीर नहीं दे सके।

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हादसे वाले स्थानों की सूची तलब

जिले में ग्रेटर नोएडा जैसा हादसा न हो, इसके लिए जिलाधिकारी ने सभी विकास एजेंसियों को निर्देशित किया है कि अपने-अपने क्षेत्र में दुर्घटना बहुल स्थानों का सर्वे कराएं। उन्हें चिह्नित कर सूची के साथ 27 जनवरी को उपस्थित हों। सभी विभागों ने हादसों के संभावित क्षेत्रों का सर्वे शुरू कर दिया है। डीएम ने स्पष्ट किया है कि अगर किसी विभाग की लापरवाही से कोई हादसा होता है तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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अधिकारियों के दर्ज होंगे बयान

मोदीनगर। मामले में गठित जांच कमेटी सिंचाई विभाग और पीडब्लूडी सहित कई अन्य विभागों के अधिकारियों के मंगलवार को बयान दर्ज करेगी। इसके लिए कमेटी ने नोटिस जारी किया है।
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