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ईश्वर प्रेम और समर्पण ही जीवन का परम लक्ष्य है: कौशल

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लोहिया नगर स्थित गीता संजय मेमोरियल पब्लिक स्कूल में बैठे बीएलओ। संवाद
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गाजियाबाद। कविनगर रामलीला मैदान में मंगलमय परिवार की ओर से आयोजित भव्य श्रीराम कथा में पहले दिन विजय कौशल महाराज ने कथा का शुभारंभ करते हुए कहा कि ईश्वर प्रेम और समर्पण ही जीवन का परम लक्ष्य है। जब मनुष्य अपना सर्वस्व प्रभु के चरणों में अर्पित कर देता है, तब उसके जीवन के सभी कष्ट स्वतः समाप्त हो जाते हैं। सच्चा भक्त वही है जो परिस्थितियों से विचलित हुए बिना हर स्थिति में प्रभु की इच्छा को स्वीकार करता है और उसी में अपनी प्रसन्नता खोजता है।
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रविवार को राम नाम की महिमा का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि राम का नाम ही जीवन का एकमात्र सहारा है। इसमें हर समस्या का समाधान निहित है। आज का मनुष्य धन, पद और प्रतिष्ठा के पीछे भागते हुए अपने ईश्वर और कर्तव्यों को भूलता जा रहा है, जबकि सच्चा सुख भक्ति और सदाचार में ही निहित है। कथा के दौरान भगवान राम और कामदेव जी के प्रसंग का रोचक वर्णन करते हुए कौशल महाराज ने अहंकार से दूर रहने की सीख दी। उन्होंने कहा कि अच्छे और महान लोग कभी अभिमान नहीं करते। आज कई लोग बड़े पदों पर पहुंचकर चापलूसों की झूठी प्रशंसा में आत्ममुग्ध हो जाते हैं और अपने वास्तविक कर्तव्यों को भूल जाते हैं। विनम्रता ही सच्ची महानता का प्रतीक है। उन्होंने आधुनिक जीवनशैली पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि मोबाइल फोन और भौतिक आकर्षणों ने बच्चों को संस्कृति और संस्कारों से दूर कर दिया है। उन्होंने माता-पिता से आह्वान किया कि वे बच्चों को केवल भौतिक शिक्षा ही नहीं, बल्कि धर्म, संस्कृति और मर्यादा से भी जोड़ें। रामकथा जैसे पावन आयोजनों से ही समाज में नैतिक मूल्यों की पुनर्स्थापना संभव है।
उन्होंने रामकथा और भागवत कथा के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इन कथाओं का श्रवण जन्म-जन्मांतर के पुण्य से प्राप्त होता है। रामकथा आत्मा का शुद्धिकरण करती है और जीवन को सही दिशा देती है। प्रथम दिवस की कथा में श्रद्धालु भाव-विभोर होकर प्रभु के चरणों में नतमस्तक दिखाई दिए। कथा शुरू होते ही पूरा पंडाल जय श्रीराम के उद्घोष और भावपूर्ण भजनों से गूंज उठा। हजारों की संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं ने कथा श्रवण कर आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति की। कार्यक्रम की शुरुआत श्री गणेश वंदना, मंगलाचरण और गुरु महिमा के भावपूर्ण वर्णन के साथ हुआ। महाराज ने कहा कि गुरु ही वह सेतु हैं, जिनके माध्यम से साधक ईश्वर तक पहुंचता है। गुरु के चरणों में ही सभी तीर्थ समाहित हैं और गुरु कृपा के बिना जीवन की नैया पार नहीं लग सकती। उन्होंने भक्तों को गुरु के प्रति श्रद्धा, समर्पण और विश्वास बनाए रखने का संदेश दिया। श्रीराम कथा एक फरवरी तक प्रतिदिन सायं चार बजे से शाम सात बजे तक कविनगर रामलीला मैदान में आयोजित की जाएगी। कथा स्थल पर आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन करने उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य भी पहुंचे थे।
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लोहिया नगर स्थित गीता संजय मेमोरियल पब्लिक स्कूल में बैठे बीएलओ। संवाद

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