माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद। भारत सरकार के निर्देश पर ‘ऑपरेशन अभ्यास’ के तहत बुधवार को जिले में युद्ध जैसी आपात स्थिति से निपटने के लिए मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस अभ्यास का उद्देश्य लोगों को आपदा के दौरान सुरक्षा उपायों की जानकारी देना और राहत व बचाव तंत्र को प्रभावी बनाना रहा।
जिले के विभिन्न स्कूलों में मॉक ड्रिल कराई गई, जिसमें विद्यार्थियों को बताया गया कि युद्ध या किसी अन्य आपदा की स्थिति में वे स्वयं और अपने परिवार को किस तरह सुरक्षित रख सकते हैं। प्रशिक्षकों ने बच्चों को सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने, प्राथमिक उपचार देने और आपात सेवाओं को कैसे सूचित किया जाए, इसकी जानकारी दी।
इस बीच, जिला स्वास्थ्य विभाग को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय में आयोजित बैठक में आपात स्थिति से निपटने को लेकर व्यापक रणनीति पर चर्चा की गई। सीएमओ डॉ. अखिलेश मोहन की अध्यक्षता में हुई बैठक में जिले के सभी प्रमुख स्वास्थ्य अधिकारियों को उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए थे।
बैठक में तय किया गया कि जिले के सभी सरकारी अस्पतालों, सीएचसी (सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र) और पीएचसी (प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र) में विशेष सतर्कता बरती जाएगी। इन संस्थानों में दवाओं, उपकरणों और मानव संसाधन की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही, स्वास्थ्य अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों के अस्पतालों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं।
सीएमओ ने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर जिले के निजी अस्पतालों को भी सरकार के दिशा-निर्देशों के तहत आपात चिकित्सा सेवाएं देने के लिए तैयार रहने को कहा जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी स्थिति में इलाज में देरी या संसाधनों की कमी नहीं होनी चाहिए।