जिला अस्पताल की ओपीडी में उमड़ी मरीजों की भीड़। संवाद
गाजियाबाद। एमएमजी अस्पताल में सोमवार को भर्ती मरीजों की संख्या अधिक होने से सभी बेड फुल हो गए। नए गंभीर मरीजों को भर्ती होने के लिए एक से डेढ़ घंटा इंतजार करना पड़ा। उन्हें स्ट्रेचर पर लिटाकर इलाज दिया गया। पुराने मरीजों के डिस्चार्ज होने के बाद उन्हें बेड मिला। अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन संतराम वर्मा ने बताया कि जिन लोगों को पहले से दमा, ब्रोंकाइटिस, सीओपीडी, एलर्जी या हृदय संबंधी समस्याएं हैं, उनको ज्यादा परेशानी हो रही है।
सीएमएस डॉ. राकेश कुमार ने बताया कि सोमवार को ओपीडी में 2477 नए मरीजों ने पंजीकरण कराया। इनमें 1164 महिला, 876 पुरुष और 437 बच्चे शामिल रहे। इमरजेंसी में 91 मरीज इलाज के लिए पहुंचे। ओपीडी में आने वाले मरीजों में बुखार, खांसी, जुकाम और सांस लेने में तकलीफ की बीमारी थी।
अस्पताल में 600 से ज्यादा सांस के मरीजों को इलाज दिया गया। हालत यह रही कि अस्पताल के सभी बेड पूरी तरह से फुल हो गए। नए मरीजों को भर्ती करने के लिए पुराने मरीजों को डिस्चार्ज किए जाने का इंतजार करना पड़ा। इमरजेंसी में भर्ती किए गए नए मरीजों को वार्ड में शिफ्ट करने के लिए दो से तीन घंटे तक इंतजार किया।
कई चिकित्सक अवकाश पर रहे
रविवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर सहित कई वीवीआईपी के जिले में आगमन से ड्यूटी करने गए कई चिकित्सक सहित पैरामेडिकल स्टाफ सोमवार को अवकाश पर रहा। इस कारण से ओपीडी प्रभावित रही और मरीजों को इलाज के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा।