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Ghaziabad News: नाबालिग के नवजात को 26 दिनों से परिवार का इंतजार

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साहिबाबाद। खोड़ा थाना क्षेत्र निवासी 15 वर्षीय दुष्कर्म पीड़िता 20 नवंबर को मां बनी थी। उसके नवजात बेटे को परिवार वालों ने अपनाने से इन्कार कर दिया।
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इस वजह से बीते 26 दिन से नवजात को गाजियाबाद के एमएमजी अस्पताल में बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) की देखरेख में रखा गया है। वहीं सीडब्ल्यूसी की कोशिशों के बाद भी परिवार वाले मानने को तैयार नहीं है। अब उन्हें अंतिम मौका दिया जा रहा है। इसके बाद बच्चे को गोद देने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
जन्म के बाद नवजात की किलकारियों से जिस घर को गुलजार होना था उस घर के लोग अपने ही खून को अपनाने से पीछे हट गए हैं। यह मामला ट्रांस हिंडन के खोड़ा थाना क्षेत्र का है। यहां 26 दिन पहले नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता ने बेटे को जन्म दिया। जन्म देने के बाद ही परिवार ने बच्चे को अपनाने से मना कर दिया। वहीं बच्चे का बायोलॉजिकल पिता दुष्कर्म के आरोप में सलाखों के पीछे है।
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बाल कल्याण समिति किशोरी के परिजनों की दो बार काउंसलिंग कर चुकी है, लेकिन हर बार परिवार ने मना कर दिया। अब बेटे को अपने पास रखने का उनके पास अंतिम मौका है।
सीडब्ल्यूसी परिजनों को तीसरी बार काउंसलिंग के लिए बुलाने जा रही है। अब भी अगर परिजन इन्कार कर देते हैं, तब सीडब्ल्यूसी बच्चे को गोद देने की प्रक्रिया शुरू कर देगी। एसीपी इंदिरापुरम स्वतंत्र कुमार सिंह ने बताया कि बच्चे की पूरी देखरेख बाल कल्याण समिति कर रही है।
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परिजनों की काउंसलिंग के तीसरे चरण के बाद समिति ही आगे की प्रक्रिया शुरू करेगी। अगर परिवार नहीं मानता है तो वैधानिक प्रक्रिया के माध्यम से बच्चे को गोद दिया जाएगा।
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