गाजियाबाद। नगर निगम कार्यकारिणी की बजट बैठक शनिवार को विज्ञापन ठेके में अनियमितताओं के आरोपों के चलते हंगामेदार रही। सत्ताधारी दल के पार्षद और कार्यकारिणी सदस्य राजीव शर्मा ने ही निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने विज्ञापन एजेंसी को नियमों के विपरीत फायदा पहुंचाने का आरोप लगाया। करीब डेढ़ घंटे तक चले हंगामे और तीखी बहस के बीच आखिरकार 2,877 करोड़ रुपये के बजट पर मुहर लगी।
राजीव शर्मा ने आरोप लगाया कि 24×7 मीडिया फर्म को केवल 15 हजार वर्गमीटर क्षेत्र में विज्ञापन लगाने का ठेका दिया गया था। फर्म ने नियमों को ताक पर रखकर 45 हजार वर्गमीटर से अधिक क्षेत्र में विज्ञापन लगा दिए। उन्होंने आरोप लगाया कि यह खेल लंबे समय से चल रहा है। इससे नगर निगम को भारी राजस्व नुकसान हो रहा है, जबकि फर्म मोटी कमाई कर रही है।
यह भी आरोप लगाया कि इंदिरापुरम क्षेत्र में विज्ञापन का काम भी नियमों की अनदेखी कर इसी फर्म को दिया गया है। शर्मा ने कहा कि विज्ञापन व्यवस्था की निगरानी के लिए केंद्रीकृत और पारदर्शी सिस्टम बनाया जाना चाहिए, जिससे तय क्षेत्र से अधिक विज्ञापन होने पर तुरंत कार्रवाई हो सके। उन्होंने निगम को हुए नुकसान का आकलन कर एजेंसी से वसूली करने की मांग भी उठाई।
इन आरोपों से बैठक का माहौल गरमा गया। कई अन्य पार्षदों ने भी निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। इस पर महापौर सुनीता दयाल ने मामले की जांच के लिए समिति गठित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि समिति में दो पार्षदों को भी शामिल किया जाएगा।
वहीं, नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह ने भरोसा दिलाया कि भविष्य में गड़बड़ी रोकने के लिए पारदर्शी निगरानी व्यवस्था विकसित की जाएगी। इस मौके पर पार्षद अमित त्यागी, अपर नगर आयुक्त अवनिंद कुमार, जंग बहादुर यादव आदि अनेक लोग मौजूद रहे।
बैठक शुरू होते ही गरमाया माहौल : दोपहर करीब एक बजे शुरू हुई बैठक शाम साढ़े चार बजे संपन्न हुई। इस बीच करीब डेढ़ घंटे तक हंगामा होता रहा। बैठक शुरू होते ही कार्यकारिणी उपाध्यक्ष प्रवीण चौधरी ने समय पर बैठक न होने और बिना कार्यकारिणी की अनुमति कई काम कराने पर सवाल उठाए। राजीव शर्मा ने आरोप लगाया कि विकास कार्यों के उद्घाटन में पार्षदों को नहीं बुलाया जाता और शिलापटों पर उनके नाम तक नहीं लिखे जा रहे।
इसको लेकर खूब हंगामा हुआ। किसी तरह बजट पर चर्चा आगे बढ़ी तो डूंडाहेड़ा के निर्दलीय पार्षद नरेश जाटव और दौलतपुरा के भाजपा पार्षद विनील दत्त के बीच हाथ हिलाने को लेकर बहस शुरू हो गई। मामला इतना बढ़ा कि दोनों एक-दूसरे पर हमलावर हो गए। नगरायुक्त को बीच-बचाव करते हुए बैठक की गरिमा बनाए रखने की चेतावनी देनी पड़ी। यह तक कहना पड़ा कि पार्षद चुप नहीं हुए तो बाहर करना पड़ेगा।
पार्कों की लीज पर भी उठे सवाल : भाजपा पार्षद व कार्यकारिणी सदस्य गौरव सोलंकी ने इंदिरा प्रियदर्शनी पार्क को लीज पर देने के बावजूद नगर निगम को आय न होने का मुद्दा उठाया। वहीं, राजीव शर्मा ने इंदिरापुरम के स्वर्ण जयंती पार्क को कम दरों पर दिए जाने के प्रस्ताव पर आपत्ति जताई। उनका कहना था कि कार्यकारिणी की मंजूरी के बिना प्रक्रिया पूरी नहीं की जा सकती, जबकि अधिक दरों पर अन्य लोग भी संचालन के इच्छुक हैं।