मथुरा-वृंदावन जाने वालों को अब रोडवेज भी यात्रा कराएगा। सोमवार को पुराने बस अड्डे से मथुरा के लिए शताब्दी बस सेवा शुरू की जाएगी। सुबह 8 बजे पहली बार मथुरा के लिए एसी शताब्दी बस रवाना की जाएगी। वाया अलीगढ़ शुरू की गई इस बस सेवा के लिए गाजियाबाद डिपो को दो बसें मिल गई हैं।गाजियाबाद पुराने बस अड्डे से प्रतिदिन दो बसें मथुरा जाएंगी।
इनमें एक बस सुबह 8 बजे और दूसरी बस शाम चार बजे रवाना होगी। मथुरा से शाम चार बजे और सुबह आठ बजे यह बसें वापसी करेंगी। सुबह 8 बजे गाजियाबाद से चलने वाली बस शाम चार बजे मथुरा से वापसी करेगी। रोडवेज एआरएम आरसी सुखीजा ने बताया कि गाजियाबाद से मथुरा तक 207 किलोमीटर लंबे सफर के लिए 305 रुपये किराया निर्धारित किया गया है।
गाजियाबाद से यह बस दादरी, सिकंदराबाद, बुलंदशहर, खुर्जा, गबाना, अलीगढ़, इगलास, राया होते हुए मथुरा पहुंचेगी और इसी रूट से इसकी वापसी होगी।
मथुरा तक किराया
गाजियाबाद से 305 रुपये
दादरी से 271 रुपये
सिकंदराबाद से 245 रुपये
बुलंदशहर से 214 रुपये
खुर्जा से 187 रुपये
गबाना से 147 रुपये
अलीगढ़ से 115 रुपये
इगलास से 82 रुपये
राया से 45 रुपये
- गाजियाबाद से वाया मुरादाबाद होते हुए नूरपुर पहुंचेगी बस
साहिबाबाद। रोडवेज ने यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए पांच नए रूट निर्धारित किए हैं। जिन पर अनुबंधित बसों को चलाने की योजना है। इन रूटों पर यात्रियों की संख्या अधिक रही, तो सेवा सुचारु रख बसों की संख्या को भी बढ़ाया जाएगा।आरएम पीके बोस ने बताया कि सभी डिपो के एआरएम को नए रूट चिन्हित करने के निर्देश दिए थे।
जिसके तहत गाजियाबाद रीजन से पांच नए रूट प्रस्तावित किए गए हैं। जिनमें कौशांबी, दिल्ली से चांदपुर वाया गजरौला, कौशांबी से नूरपुर वाया गजरौला, कौशांबी से धामपुर वाया गजरौला, नूरपुर बस का संचालन किया जाएगा। साथ ही नोएडा से धामपुर और नोएडा से चांदपुर के लिए भी बस का संचालन होगा। यह बस नोएडा से गाजियाबाद, गजरौला, चांदपुर होते हुए धामपुर पहुंचेगी।
उन्होंने बताया कि पहले बसें बिजनौर होते हुए धामपुर, चांदपुर जाती थीं। यह नया रूट बनाया है। इन रूटों पर यात्री की अधिक संख्या है। धामपुर, चांदपुर, नूरपुर से मुरादाबाद की काफी सवारियां हैं और इस रूट पर बसों की संख्या कम है। इसको देखते हुए इन बसों का वापसी का रूट मुरादाबाद होते हुए बनाया गया है। आरएम ने बताया कि शुरूआत में ट्रायल के तौर पर बस सेवा शुरू की जाएगी।
यात्रियों की संख्या अधिक रही, तो 60 से अधिक बसों का संचालन इन रूटों पर किया जाएगा।