संवाद न्यूज एजेंसी
मोदीनगर। हापुड़ मार्ग स्थित गांव गदाना से बीस दिन पहले लापता हुए राजमिस्त्री अनिल कुमार का कंकाल सोमवार शाम मोदीपोन पुलिस चौकी के पीछे बंद पड़ी फैक्टरी परिसर की झाड़ियों से बरामद हुआ। पुलिस ने एक संदिग्ध को हिरासत में लेकर कंकाल बरामद किया। आशंका है कि आरोपी ने अनिल कुमार के सिर में डंडा मारकर हत्या की। परिजनों ने कपड़ों के आधार पर अनिल की पहचान की। गुस्साए परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा किया।
गांव गदाना के रहने वाले रमेश कुमार के पुत्र राजू ने बताया कि उनके बड़े भाई अनिल कुमार 37 राजमिस्त्री थे। अनिल कुमार विवाहित थे और उनके तीन बच्चे हैं। राजू ने बताया कि भाई अनिल कुमार बीते 12 नवंबर की सुबह करीब 7 बजे काम पर जाने के लिए निकले थे मगर लौटे नहीं। परिजनों ने अनिल को काफी तलाश किया लेकिन उसका कोई पता नहीं लगा। राजू ने 13 नवंबर को मोदीनगर थाने में अनिल कुमार की गुमशुदगी दर्ज कराई। एसीपी ने बताया कि पुलिस टीमें अनिल कुमार की तलाश में लगी थीं। अनिल का मोबाइल फोन ऑन था। उसकी लोकेशन बदल रही थी।
एसीपी मोदीनगर अमित सक्सेना ने बताया कि हापुड़ मार्ग स्थित बंद मोदीपोन फैक्टरी परिसर की झाड़ियों से सोमवार को मानव के अवशेष और कपड़े मिले। परिजनों ने कपड़ों के आधार पर अवशेष की शिनाख्त लापता अनिल कुमार के रूप में की है। एक संदिग्ध को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। जांच में हत्या की बात सामने आ रही है। पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है।
मोबाइल से खुला राज
पुलिस सूत्रों के अनुसार राजमिस्त्री अनिल कुमार के लापता होने के बाद उनका मोबाइल फोन ऑन था। अनिल कुमार के मोबाइल से एक नंबर पर बात हो रही थी। मोबाइल ऑन होने के कारण पुलिस पहले तो घटना को भांपने में गच्चा खा गई बाद में पुलिस ने कॉलर को ट्रेस कर एक संदिग्ध को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
संदिग्ध पहले तो पुलिस को गुमराह करता रहा। पुलिस ने सख्ती की तो वह टूट गया और उसने मोदीपोन चौकी के पीछे बंद बड़ी मोदीपोन फैक्टरी परिसर की झाड़ियों में अनिल का शव पड़ा होने की बात कही। पुलिस संदिग्ध को लेकर झाड़ियों में पहुंची तो वहां एक कंकाल बरामद हुआ। शरीर के अंग व कपड़े इधर उधर पड़े थे। मौके पर पहुंचे परिजनों ने कपड़ों के आधार पर कंकाल की शिनाख्त अनिल कुमार के रूप में की। पूछताछ में संदिग्ध ने पुलिस को बताया कि बीते 12 नवंबर को वह मोदीपोन फैक्टरी में शराब पी रहे थे। इसी दौरान उनके झगड़ा हो गया। आरोपी ने पास पड़ा डंडा मारकर अनिल कुमार को मौत के घाट उतार दिया और वहां से भाग गया।
पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगा किया हंगामा
अनिल कुमार का कंकाल बरामद होने के बाद ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। उन्होंने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। आरोप लगाया कि 13 नवंबर को उन्होंने गुमशुदगी दर्ज करा दी थी लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। पुलिस अगर तत्काल कार्रवाई करती तो अनिल कुमार की यह दुर्दशा नहीं होती। मोदीनगर एसएचओ ने आक्रोशित लोगों को कार्रवाई का भरोसा देकर शांत कराया।