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अलविदा: शहीद दरोगा के अंतिम दर्शन के लिए उमड़ी भीड़, लेकिन चिता पर लेट गए जीजा, बेटे ने दी मुखाग्नि

Thu, 25 Mar 2021 03:27 PM IST
प्राची प्रियम अमर उजाला नेटवर्क, बुलंदशहर
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चिता पर लेटे शहीद दरोगा के जीजा - फोटो : अमर उजाला
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बुलंदशहर के शहीद दरोगा प्रशांत यादव का पार्थिव शरीर गुरुवार को उनके पैतृक कस्बा छतारी पहुंचा। सुबह से ही शहीद प्रशांत यादव के घर में अफसरों समेत अन्य लोगों के आने का सिलसिला जारी रहा। जिलाधिकारी और एसएसपी भी उनके घर पहुंचे। वहीं इसी बीच सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी दरोगा के परिजनों से फोन पर बात की और उन्हें सांत्वना दी।

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परिवार का रो-रोकर बुरा हाल
एक तरफ परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है, वहीं दूसरी ओर राजकीय सम्मान के साथ उनके अंतिम संस्कार की तैयारी की गई। शहीद के अंतिम दर्शन के लिए हजारों की संख्या में ग्रामीण इकट्ठा हो गए और यूपी पुलिस बदला लो के नारे लगाते रहे।

जीजा लेट गए चिता पर
परिजन और हजारों की संख्या में आसपास के लोग जब पार्थिव शरीर को लेकर छतारी स्थित श्मशान घाट में पहुंचे तो उन्हें सलामी दी गई। इसके बाद पार्थिव शरीर को चिता की तरफ ले जाया गया, तभी उनकी बुआ की बेटी के पति चिता पर लेट गए और सीबीआई जांच की मांग करने लगे। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की सीबीआई जांच होनी चाहिए। 
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वह बोलने लगे कि मुझे भी जला दो। मैं जिंदा नहीं रहना चाहता। इस घटना से वहां मौजूद पुलिस प्रशासन के अफसरों में हड़कंप मच गया। आनन-फानन पहुंचे अफसरों ने बहनोई हुकुम सिंह को वहां से किसी तरह उठाया। 

ढाई वर्षीय बेटे ने दी मुखाग्नि
इस दौरान वह मुख्यमंत्री योगी को बुलाने की मांग करने लगे। उन्होंने कहा कि इस घटना के बाद हमें गुमराह किया जा रहा है। केवल आश्वासन ही मिल रहा है। वे काफी देर तक इस मामले में जांच कर कार्रवाई करने की बात कहते रहे। काफी देर तक हंगामा होने के बाद से किसी तरह पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें समझा-बुझाकर शांत कराया। दोपहर बाद गमगीन माहौल में शहीद प्रशांत यादव का अंतिम संस्कार किया गया। ढाई वर्षीय बेटे ने पिता को दो मुखाग्नि दी।

मालूम हो कि आगरा के खंदौली के गांव नहर्रा में बुधवार शाम को दरोगा प्रशांत यादव (35) की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। दरोगा प्रशांत कुमार गांव के दो भाई विश्वनाथ और शिवनाथ के बीच खेत से आलू खोदाई को लेकर हुए विवाद में झगड़े की सूचना पर सिपाही चंद्रसेन के साथ गांव में गए थे। 

दरोगा के पकड़ने के लिए पीछे दौड़ने पर विश्वनाथ ने तमंचे से फायर कर दिया, जिसमें उनकी मौत हो गई। सनसनीखेज हत्याकांड की जानकारी पर एडीजी जोन राजीव कृष्ण, आईजी ए सतीश गणेश और एसएसपी बबलू कुमार सहित कई थानों की फोर्स पहुंच गई। देर रात आरोपी की तलाश की जा रही थी। 

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गांव नहर्रा निवासी विजय सिंह ने खेत पर आलू किए थे। वह बड़े बेटे शिवनाथ के साथ रहते हैं, जबकि छोटा बेटा विश्वनाथ मां के साथ रहता है। पिता के खते से शिवनाथ आलू निकाल रहा था। इसका विरोध विश्वनाथ कर रहा था। वह आधा हिस्सा मांग रहा था। इसको लेकर भाइयों में विवाद हो गया। बुधवार सुबह पुलिस पहुंची। तब आलू की खुदाई शुरू हो सकी। 

शाम के समय विश्वनाथ पहुंच गया। उसने तमंचा लेकर मजदूरों को धमकाना शुरू कर दिया। शिवनाथ ने पुलिस को सूचना दी। शाम तकरीबन सात बजे दरोगा प्रशांत कुमार और सिपाही चंद्रसेन बाइक से गांव पहुंचे। खेत में विश्वनाथ के हाथ में तमंचा देखकर पीछे दौड़ लग दी। वह भागने लगा। 

मगर, दरोगा और सिपाही पीछा करते रहे। विश्वनाथ ने गोली चला दी, जोकि दरोगा की गर्दन में लग गई। उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद आरोपी भाग गया। घटना के बाद ग्रामीण भी भाग निकले। चंद्रसेन की सूचना पर थाना की फोर्स पहुंची। दरोगा को अस्पताल लेकर गई, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। 
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