2020 में फेरों के लिए सिर्फ 52 दिन
गाजियाबाद। नए वर्ष में इस बार शहनाईयां काफी कम बजेंगी। नए साल में शादियों के बहुत कम मुहूर्त हैं। जनवरी से लेकर दिसंबर तक मिलाकर इस बार महज 52 शादियों के मुहूर्त हैं। जबकि पिछले वर्ष 73 शादियों के मुहूर्त थे। इस बार चतुर्मास में चार महीने की जगह पांच महीने तक शादियों पर ब्रेक रहेगा।
नए वर्ष में जनवरी सेे शादियों के साये शुरू हो रहे हैं। जनवरी से लेकर फरवरी तक 15 शुभ महुर्त हैं लेकिन मार्च में सिर्फ एक शुभ मुहूर्त है। मार्च में दो मार्च को एक शादी का शुभ साया है। पंडित दुलीदत्त कौशिक ने बताया कि तीन मार्च से होलाष्टक लग रहे हैं। होलाष्टक के दौरान कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता। 10 मार्च को होली है उसके बाद 14 मार्च से खरमास शुरू हो रहा है। जिसके बाद एक महीने तक शुभ कार्यों पर ब्रेक लग जाएगा। दो मार्च के बाद सीधे 16 अप्रैल से शादियों के साये शुरू होंगे।
इनसेट:
इस बार एक जुलाई से ही देवशयनी एकादशी शुरू हो रही है। देवोत्थान एकादशी 25 नवंबर को है और इसी दिन से शादियों के मुहूर्त शुरू हो रहे हैं। हालांकि हर बार चतुर्मास में चार महीने तक शुभ कार्यों पर ब्रेक होता है लेकिन इस बार एक जुलाई से सीधे 24 नवंबर तक ब्रेक है।
शुभ साये
जनवरी - 15,17,18, 26, 29, 30, 31
फरवरी - 4, 9, 12, 21, 25, 26, 27, 28
मार्च -2
(तीन मार्च से होलाष्टक लग जाएंगे )
(14 मार्च से खरमास शुरू हो जाएगा जो 14 अप्रैल तक रहेगा)
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अप्रैल - 16, 17, 20, 25, 26, 27
मई - 1, 2, 3, 4, 5, 6, 10, 13, 17, 18, 19, 20, 29
जून - 11, 15, 16, 19, 27, 28, 29, 30
(एक जुलाई से देवशयनी एकादशी )
नवंबर - 25, 27, 30
दिसंबर - 1, 6, 7, 9, 10, 11 खरमास
(राजधानी पंचांग के अनुसार)