डासना। डासना कस्बे में बंदरों के हमले में छत पर कपड़े सुखाने गई युवती तीसरी मंजिल से नीचे गिर गई। हादसे में युवती के पैर, कूल्हे में फ्रैक्चर व रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट लगी है। युवती का निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। कस्बे में इसके पहले भी कई लोग बंदरों के हमले व काटने से घायल हो चुके हैं।
शुक्रवार दोपहर असलम हकीम की बेटी महक (20) घर में तीसरी मंजिल की छत पर कपड़े सुखाने गई थी। इसी दौरान 10-15 बंदरों के झुंड ने महक पर अचानक हमला कर दिया। बंदरों से बचाव के प्रयास में वह तीसरी मंजिल से नीचे गिर गई। चीख-पुकार सुनकर आस-पड़ोस के लोगों ने महक को उठाकर नजदीकी निजी अस्पताल में भर्ती कराया। हादसे के समय महक की बीमार मां सितारा घर पर मौजूद थी, जबकि पिता मोहम्मद असलम व भाई शाहनवाज घर से बाहर गए थे। चिकित्सक ने बताया कि महक की दोनों टांगों व कूल्हे में फ्रैक्चर तथा रीढ की हड्डी में गंभीर चोट आई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बंदरों का झुंड कभी भी किसी भी घर में घुस जाता है और रसोई में नुकसान पहुंचा जाता है। इस घटना के बाद लोगों में भय का माहौल है।
नगर पंचायत डासना के अधिशासी अधिकारी रोहित कुमार का कहना है कि जल्द ही अभियान चलाकर बंदरों को पकड़वाकर जंगल में भिजवाया जाएगा।