दिल्ली-मेरठ रोड पर गंगनहर के निकट स्थित लीलावती रामगोपाल सरस्वती विद्या मंदिर में बनाए गए पीईटी परीक्षा केंद्र पर दूसरे अभ्यर्थी के स्थान पर परीक्षा देते हुए एक युवक को पकड़ा गया। आरोपी की पहचान पवन कुमार के रूप में हुई है।
दिल्ली-मेरठ मार्ग पर गंगनहर पुल के पास स्थित लीलावती रामगोपाल सरस्वती विद्या मंदिर में रविवार को पीईटी की दूसरी पाली की परीक्षा के दौरान फर्जी अभ्यर्थी पकड़ा गया। बायोमैट्रिक सत्यापन नहीं होने पर परीक्षा के बाद जांच की गई तो अभ्यर्थी की पहचान पर संदेह हुआ। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
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एसीपी ने बताया कि रविवार शाम 4:57 बजे पीईटी परीक्षा के जिला प्रतिनिधि रोहित कुमार ने केंद्र अधीक्षक को फोन कर बताया कि हाथरस जिले के मुरसान थाना क्षेत्र के गांव रामगढ़ पटाखास निवासी रजनीश शर्मा का बायोमैट्रिक मिलान नहीं हो रहा है। उन्होंने परीक्षा समाप्त होने के बाद अभ्यर्थी का दोबारा सत्यापन कराने के निर्देश दिए।
परीक्षा समाप्त होने पर दोबारा बायोमैट्रिक सत्यापन किया गया तो गड़बड़ी सामने आई। केंद्र अधीक्षक के अनुसार, अभ्यर्थी का असली नाम पवन शर्मा है। उसकी जन्मतिथि 27 जुलाई 1989 है, जबकि रजनीश शर्मा के नाम से दर्ज जन्मतिथि 15 जनवरी 1995 है। आरोप है कि पवन शर्मा ने रजनीश शर्मा के नाम से फर्जी जन्मतिथि प्रमाणपत्र बनवाकर हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा दोबारा पास की थी। हालांकि, वह आधार कार्ड में नाम और जन्मतिथि नहीं बदलवा सका।
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केंद्र अधीक्षक ने मामले में निवाड़ी थाने में तहरीर दी है। एसीपी सिद्धार्थ गौतम ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है। आरोपी रजनीश शर्मा उर्फ पवन शर्मा को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। यह भी जांच की जा रही है कि उसके अन्य दस्तावेज फर्जी हैं या उसने वास्तव में 12वीं की परीक्षा दी थी।