गाजियाबाद। परिवहन विभाग की नई ऑटो अप्रूवल व्यवस्था ट्रायल के पहले ही दिन सवालों के घेरे में आ गई। सिस्टम की खामी के कारण जिले में चार वाहनों का टैक्स जमा हुए बिना ही उनका ऑनलाइन पंजीकरण हो गया। मामला सामने आते ही परिवहन विभाग ने शासन स्तर पर इसकी जानकारी दी। इसके बाद ऑटो अप्रूवल से निस्तारित फाइलों को तत्काल ब्लॉक करा दिया गया।
नई व्यवस्था का ट्रायल सोमवार को शुरू हुआ था। जांच के दौरान पता चला कि डीलरों ने चार वाहनों का टैक्स जमा कराए बिना ही ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी कर दी। पंजीकरण की सुविधा डीलर प्वाइंट से ही उपलब्ध है, इसलिए टैक्स जमा न होने के बावजूद आवेदन जनरेट हो गया और सिस्टम ने उसे स्वत: मंजूरी भी दे दी।
गड़बड़ी सामने आने के बाद परिवहन विभाग ने दो दिनों में ऑटो अप्रूवल से निस्तारित सभी फाइलों को ब्लॉक करा दिया। वहीं, एनआईसी ने भी बिना टैक्स वाले मामलों का ऑटो अप्रूवल निरस्त करते हुए संबंधित आवेदनों को स्थानीय आरटीओ कार्यालय भेज दिया, ताकि निर्धारित टैक्स जमा कराने के बाद आगे की प्रक्रिया पूरी की जा सके।
आरटीओ प्रमोद कुमार सिंह ने बताया कि मामले में अभी शासन स्तर पर परीक्षण और आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। इसके बाद ही आगे की प्रक्रिया और व्यवस्था को लेकर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।