हिंदू हितों की रक्षा के लिए हिंदू संगठन और संत समाज ने हिंदू संसद का आयोजन करने का निर्णय लिया है। उज्जैन महाकुंभ में 15-16 मई को आयोजित होने वाली इस चौथी हिंदू संसद में विभिन्न स्थानों के साधू-संत और हिंदू संगठन बड़ी संख्या में शिरकत करेंगे।
शुक्रवार को दूधेश्वरनाथ मंदिर में पंचदशनाम जूना अखाड़ा के अंतर्राष्ट्रीय मंत्री महंत नारायण गिरि सहित यति नरसिंहानंद सरस्वती और एडवोकेट चेतना शर्मा ने यह जानकारी दी।
महंत नारायण गिरि ने कहा कि हिंदुओं की घटती संख्या को देखते हुए संत समाज चिंतित है। समूचा विश्व विकट परिस्थितियों से गुजर रहा है।
आतंकवाद के नाम पर इस्लामिक जिहाद ने दुनिया को विनाश की ओर धकेल दिया है। यति नरसिंहानंद सरस्वती ने कहा कि हिंदुओं के सामने अल्पसंख्यक होने का खतरा है। अगर ऐसा हुआ तो अपने ही देश में हिंदुओं की वैसी ही दशा होगी जैसी पाकिस्तान, बांग्लादेश और कश्मीर में है।
हिंदू संसद में हिंदुओं से अधिक से अधिक बच्चा पैदा करने का आह्वान किया जाएगा। जो गरीब होंगे उनके बच्चों के लिए गुरुकुल बनाने की भी योजना बनाई जाएगी। प्रेस वार्ता में मुख्य रूप से हिंदू संसद के मुख्य संयोजक विनोद सर्वोदय, हिंदू स्वाभिमान के महामंत्री अनिल यादव, संगठन मंत्री रवि कटारिया मौजूद रहे।